एक जैसी फिल्मों से उब जाती हूं: ट्यूलिप

फिल्मकार आदित्य चोपड़ा की फिल्म 'मेरे यार की शादी है' से वर्ष 2002 में बॉलीवुड में कदम रखने वाली ट्यूलिप चुनिंदा फिल्में करने में यकीन रखती हैं। वर्ष 2003 में आई फिल्म 'मातृभूमि' में उनके अभिनय को बहुत सराहा गया था। इस फिल्म का निर्देशन मनीषा झा ने किया था।
ट्यूलिप ने दूरभाष पर कहा, "मैं एक तरह की फिल्में नहीं कर सकती। फिल्म का चयन मैं अच्छी पटकथा देखकर करती हूं। जब भी अच्छी फिल्म करने का मौका मिलता है तो मैं जरूर करती हूं।"
अब तक 'मातृभूमि' जैसी नायिका प्रधान दूसरी फिल्म ने करने के सवाल पर उन्होंने कहा, "इस तरह की फिल्म का प्रस्ताव उन्हें फिर से नहीं मिला। अगर इस तरह की फिल्म फिर से करने का मौका मिला तो मैं जरूर करुंगी।"
ट्यूलिप का बॉलीवुड में प्रवेश यशराज फिल्म्स के बैनर तले हुआ था। परंतु 'मेरे यार की शादी है' जैसी कामयाब फिल्म करने के बावजूद वह फिर से इस बैनर की किसी दूसरी फिल्म में नजर नहीं आईं। इस पर उनका कहना है, "हां, यह सच है कि यशराज के साथ मैंने अब तक कोई दूसरी फिल्म नहीं की है। मुझे इस बैनर से प्रस्ताव मिलेगा तो मैं काम करना जरूर पसंद करूंगी।"
उनका कहना है कि वह ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनने वाली फिल्मों में काम करना चाहेंगी। अभिनेता शाहिद कपूर के साथ फिल्म 'दिल मांगे मोर' में नजर आई इस अभिनेत्री ने कहा कि वह अपने अब तक करियर से खुश हैं।
ट्यूलिप ने कहा, "मैं मॉडलिंग से फिल्मों में आई थी। अभिनय के बारे में जानकारी नहीं थी। 'मातृभूमि' जैसी फिल्म करने के बाद जाना कि अभिनय क्या चीज है। इसलिए यह नहीं सोचती कि मैं बहुत ज्यादा सफल हुई या नहीं।"
गौरतलब है कि इस वर्ष उनकी दो फिल्में 'डैडी कूल' और 'हॉस्टल' रिलीज हो रही हैं। फिलहाल 'शून्य' नाम की एक फिल्म में भी वह काम कर रही हैं।


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