सुष का बड़ा दिल
सुष्मिता सेन हमेशा से ऐसे कामों के लिए जानी जाती हैं जिन्हें आम इंसान करने में सौ बार सोचता है. पहले तो उन्होंने एक बच्ची को गोद लेकर एक मिसाल कायम की और अब उन्होंने अपने एक स्टाफ वर्कर की मौत के बाद उसकी एच.आई.वी. पोज़िटिव पत्नी और दो बच्चों की ज़िम्मेदारी ले ली है.
इस बारे में सुष्मिता का कहना है कि मेरे स्टॉफ के इस पूर्व सदस्य और उसकी बीवी तथा दोनों बच्चों से मेरे काफी अच्छे ताल्लुकात रहे हैं. उनतीस वर्षीय इस महिला के लिए मेरे दिल में काफी सम्मान है. वह उम्र और अनुभव में मुझसे कम है, लेकिन उसने अपने पति की मौत की त्रासदी को जिस तरह सहा, उसकी मैं कायल हो गई हूं.
भगवान का शुक्र है कि उसके दोनों बच्चे एचआईवी निगेटिव हैं. वह अभी एचआईवी की एडवांस स्टेज में है. मैं उसका अच्छे से अच्छा इलाज कराने की कोशिश करुंगी. हो सकता है कि इलाज के जरिए वह पांच-सात साल और जीवित रहे. उसकी जिंदगी के प्रति सकारात्मक नजरिए की हमें दाद देनी होगी.


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