शिल्पा शेट्टीः निर्देशक बोले- बजाते रहो...

अब उसे यह कौन सा नया शौक चर्रा गया है या वायलिन बजाना उसे इतना अच्छा लगने लगा है कि रात-दिन वह वायलिन बजाने में लगी है, या फिर वह वायलिन बजाना सीखकर अपने प्रेमी राज कुंदरा से विवाह करने के बाद वायलिन बजा-बजाकर उसे खुश करना चाहती है।
असल में इनमें से कोई भी कारण सही नहीं है। न तो उसे वायलिन के संगीत का प्यार जागा है और न ही वह कुंदरा को खुश करना चाहती है।वायलिन वह अपनी खुशी से नहीं बजा रही है, बल्कि यह उसकी मजबूरी है।
शिल्पा शेट्टी सनी देओल की फिल्म द मैन कर रही है और इसमें वायलिन वादिका बनी है जो हर समय वायलिन बजाती है। यही वजह है कि शूटिंग में शिल्पा को कांधे में वायलिन रखकर तब तक बजाना पडता है जब तक कि शूटिंग खत्म नहीं हो जाती।
अब इतनी देर तक गर्दन झुकाकर और कांधे में वायलिन रखकर वह इसे बजायेगी तो उसके गर्दन और कांधे में दर्द नहीं होगा तो भला फिर क्या होगा। न जाने कब उसे यह वायलिन बजाने से छुटकारा मिलेगा।


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