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22 दिसंबर 2017: सलमान 'टाईगर' खान Vs रणबीर 'दत्त' कपूर

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सलमान खान ने 2016 में धमाका किया था टाईगर ज़िंदा है के एलान के साथ। एक था टाईगर सीक्वल, सलमान खान की दूसरी फिल्म होगी और 2017 में फैन्स के लिए इससे ज़्यादा खुशी की कोई बात नहीं हो सकती थी। 

लेकिन अब रणबीर कपूर की दत्त बायोपिक उसी तारीख पर सलमान खान से टक्कर लेने को तैयार है। गौरतलब है कि दत्त बायोपिक फरवरी में फ्लोर पर जा रही है और माना जा रहा है कि 22 दिसंबर 2017 को फिल्म रिलीज़ होगी। क्योंकि क्रिस्मस राजुकमार हिरानी के लिए काफी लकी रहा है।

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अब देखने वाली बात ये है कि अगर ये क्लैश होता है तो ज़ाहिर सी बात है कि बॉलीवुड को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। क्योंकि दोनों ही फिल्मों में अच्छी खासी कमाई करने की क्षमता है।

लेकिन जब सामने सलमान की सुनामी हो तो सब इधर उधर गिरते नज़र आते हैं । ऐसे में रणबीर कपूर की फिल्म का हाल काफी बुरा हो जाएगा। 
["मैं सलमान से बॉक्स ऑफिस पर नहीं जीत सकता" - शाहरूख] 

हालांकि अभी तक इस बात को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है इसलिए माना जा रहा है कि राजकुमार हिरानी चाहें तो अपनी डेट यहां वहां कर सकते हैं। क्योंकि सलमान खान तो हटने से रहे। 

हालांकि कई बार, कई छोटे बड़े निर्देशक ये साफ तौर पर कह चुके हैं कि अब सलमान, आमिर, शाहरूख, अक्षय और अजय देवगन को कुछ बातें साफ साफ समझने की ज़रूरत है -
 

क्यों नहीं चुनते अपना फ्राइडे

क्यों नहीं चुनते अपना फ्राइडे

काबिल डायरेक्टर संजय गुप्ता ने बॉलीवुड में 5 स्टार्स और उनके स्टारडम पर सीधा सीधा बोलते हुए कहा कि बॉलीवुड में केवल 5 ही सुपरस्टार हैं तो क्या वो अपने लिए एक खाली शुक्रवार भी नहीं चुन सकते?

एक नहीं एक दर्जन स्टार

एक नहीं एक दर्जन स्टार

स्टार्स के नाम पर हमारे पास तीन खान हैं, कुछ दो चार अच्छी हीरोइनें और डायरेक्टर जिनके नाम पर फिल्म चलती है। लेकिन उन्हें ये समझना होगा कि हमें एक नहीं, 12 सलमान खान चाहिए, 1 नहीं, 12 दीपिका पादुकोण चाहिए और 1 नहीं 12 राजकुमार हिरानी चाहिए। इसके बिना, बॉलीवुड हमेशा घाटे में रहेगा।

बड़े स्टार हैं तो बड़प्पन दिखाइए

बड़े स्टार हैं तो बड़प्पन दिखाइए

स्टार्स की फेस्टिवल डेट बुक करने पर मुकेश भट्ट ने साफ कहा कि जो भी बड़ा स्टार है उसे बड़प्पन तो दिखाना पड़ेगा। [ALSO READ: अगर मैं कूड़ा भी बनाऊं तो वो 200 करोड़ कमाएगी]

जब आपको पता है कि आपकी फिल्म कभी भी पैसे कमा सकती है, तो आप उस डेट को क्यों बर्बाद करेंगे जिस पर कोई और स्टार और छोटे बजट की अच्छी फिल्म कमा सकती है।

कैसे आएंगे नए स्टार

कैसे आएंगे नए स्टार

मुकेश भट्ट ने सवाल किया कि अगर ये सुपरस्टार्स ही अपना स्टारडम लेकर बैठे रहेंगे तो फिर नए टैलेंट को पनपने का मौका कैसे मिलेगा ? एक सीनियर के तौर पर हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि नए टैलेंट को पूरा मौका दें कि वो खुद को साबित कर सके।

खान के आगे किसकी मजाल है

खान के आगे किसकी मजाल है

मुकेश भट्ट ने आगे कहा कि अगर ये खान किसी को मना कर दें कि मेरी फिल्म किसी भी त्योहार पर रिलीज़ नहीं होगी तो किस प्रोड्यूसर की मजाल है कि उनकी बात ना सुने। उनकी हालत तो इंडस्ट्री में वैसे ही है जैसा बैठ जा, बैठ गई और खड़ी हो जा तो खड़ी हो गई।

करप्ट हो गया है बॉलीवुड

करप्ट हो गया है बॉलीवुड

मुकेश भट्ट ने ये भी कहा कि स्टूडियो कल्चर आने के बाद बॉलीवुड करप्ट हो गया। एक प्रोड्यूर जिसे 10 करोड़ मिलते थे उसे तीन गुना पैसा मिलने लगा, बाकी सबका दाम भी बढ़ गया। इससे जिसकी जितनी कीमत है वो उससे ज़्यादा बड़ा बन गया और हर किसी को लगने लगा कि वो वाकई उतना बड़ा और काबिल आदमी है।

एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से ज़्यादा कमाई

एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से ज़्यादा कमाई

एक्टर्स की फीस पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हीरो ने ज़्यादा पैसे लिए तो उसके स्टाफ ने भी ज़्यादा पैसे लेने शुरू कर दिए। एक मामूली सा ऑफिस बॉय भी एक सीए से ज़्यादा कमाता है और ये गलत है। एक मेकअप मैन भी एक शिफ्ट का 25 हज़ार लेता है। जबकि हीरो कोई ऐसा मेकअप भी नहीं करता है। जो कैमरामैन 15 - 20 लाख लेता था वो अब एक करोड़ लेता है।

इतना तो कर सकते हैं स्टार

इतना तो कर सकते हैं स्टार

स्टार्स को करोड़ो रूपये दिए जाते हैं मेहनताने के तौर पर। कम से कम वो इतना तो कर ही सकते हैं कि अपने स्टाफ का बिल खुद भर दें। या फिर अपने स्टाफ को खुद फीस दें। एक प्रोड्यूसर पर ज़बर्दस्ती का बोझ डालकर, फिल्म का बजट बढ़ाना कितना सही है।

कहानी नहीं स्टार चला रहे हैं फिल्में

कहानी नहीं स्टार चला रहे हैं फिल्में

मुकेश भट्ट ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि पहले कहानी दिल जीतती थी। अब कहानी से कोई मतलब नहीं है, एक स्टार ले लो और फिल्म चल जाती है। इसका कारण है कि हर स्टूडियो में एक एमबीए वाला बैठा है जिसको पैसे से मतलब है कला से नहीं। और उसके बाद वो इतनी हवा में बातें करेगा कि हम तो ताजमहल बना रहे हैं फिल्म नहीं।

अगले 2 साल

अगले 2 साल

मुकेश भट्ट की बातें वाकई कुछ बहुत ही अहम चीज़ों की ओर ध्यान खींचती है। उनकी मानें तो आने वाले 2 साल बॉलीवड के लिए बहुत ही अहम हैं क्योंकि चीज़ें बदल रही हैं।

बिगड़ी हैं तो बनेंगी

बिगड़ी हैं तो बनेंगी

चीज़ें मुश्किल होंगी पर अच्छी होंगी। और भले ही इस वक्त लग रहा हो कि ये बहुत मुश्किल वक्त है, पर ये बेहतर है कि जो चीज़ें बिगड़ी हैं वो कम से कम सुधर तो सकती हैं।

English summary
Ranbir Kapoor's Dutt Biopic will clash with Salman Khan's Tiger Zinda Hai.
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