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#2017Mahaclash: हो गया एलान...एलर्ट हैं सलमान...टाईगर सीक्वल पोस्टपोन!

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रणबीर कपूर अपनी दत्त बायोपिक में जुटे हुए हैं और उन्होंने आखिरकार उन सब अटकलों पर पानी डाल दिया है जिसके मुताबिक दत्त बायोपिक पोस्टपोन हो चुकी है और अगले साल रिलीज़ होगी। 

रणबीर कपूर ने स्पष्ट किया है कि दत्त बायोपिक 60 प्रतिशत पूरी हो चुकी है यानि कि मई - जून तक फिल्म की शूटिंग खत्म भी हो जाएगी। और इसके बाद फिल्म को दिसंबर में रिलीज़ करने की तैयारी भी पूरी कर ली जाएगी।

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खबर है कि कुछ दिनों पहले राजकुमार हिरानी टाईगर ज़िंदा है के प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा से मिले और दोनों फिल्मों के क्लैश होने के फायदे और नुकसान गिना डाले। अभी तक किसी ने कोई टिप्पणी नहीं की थी।

लेकिन कल से रणबीर कपूर का संजय दत्त लुक वायरल हो चुका है और इन तस्वीरों से एक बात तो साफ है कि वो इस फिल्म से आग लगा देंगे वहीं राजकुमार हिरानी फिल्म में कोई कसर नहीं छोड़ने वाले हैं।

सलमान ने फिल्म को आगे बढ़ाने की तिकड़म भी भिड़ा दी है। लेकिन संजय दत्त सलमान का साथ देते हैं या नहीं ये तो वक्त ही बताएगा। फिलहाल के लिए तो टाईगर ज़िंदा है, दत्त बायोपिक से क्लैश कर के ही रहेगी।

वैसे भी दत्त बायोपिक को लेकर रणबीर के काम की हर जगह तारीफ हो रही है। लेखक अभिजात जोशी की मानें तो रणबीर कपूर को 100 साल तक याद रखा जाएगा।
 

टशन में हैं रणबीर कपूर

टशन में हैं रणबीर कपूर

फिल्म का कॉन्फिडेंस इसी बात से समझ आ रहा है कि दत्त बायोपिक सलमान खान की टाईगर ज़िंदा है से क्लैश होने जा रही है। फिर भी ये महाक्लैश बॉलीवुड को काफी नुकसान पहुंचाएगा। हालांकि कई बार कई ब़ड़े प्रोड्यूसर कह चुके हैं कि बॉलीवुड के खान, कपूर, देवगन और कुमार को अब ये बड़ी तारीखें नए एक्टर्स के लिए छोड़ देनी चाहिए जिससे कि उनकी अच्छी फिल्में अच्छा बिज़नेस कर सकें।

क्यों नहीं चुनते अपना फ्राइडे

क्यों नहीं चुनते अपना फ्राइडे

काबिल डायरेक्टर संजय गुप्ता ने बॉलीवुड में 5 स्टार्स और उनके स्टारडम पर सीधा सीधा बोलते हुए कहा कि बॉलीवुड में केवल 5 ही सुपरस्टार हैं तो क्या वो अपने लिए एक खाली शुक्रवार भी नहीं चुन सकते?

एक नहीं एक दर्जन स्टार

एक नहीं एक दर्जन स्टार

स्टार्स के नाम पर हमारे पास तीन खान हैं, कुछ दो चार अच्छी हीरोइनें और डायरेक्टर जिनके नाम पर फिल्म चलती है। लेकिन उन्हें ये समझना होगा कि हमें एक नहीं, 12 सलमान खान चाहिए, 1 नहीं, 12 दीपिका पादुकोण चाहिए और 1 नहीं 12 राजकुमार हिरानी चाहिए। इसके बिना, बॉलीवुड हमेशा घाटे में रहेगा।

बड़े स्टार हैं तो बड़प्पन दिखाइए

बड़े स्टार हैं तो बड़प्पन दिखाइए

स्टार्स की फेस्टिवल डेट बुक करने पर मुकेश भट्ट ने साफ कहा कि जो भी बड़ा स्टार है उसे बड़प्पन तो दिखाना पड़ेगा। [ALSO READ: अगर मैं कूड़ा भी बनाऊं तो वो 200 करोड़ कमाएगी]

जब आपको पता है कि आपकी फिल्म कभी भी पैसे कमा सकती है, तो आप उस डेट को क्यों बर्बाद करेंगे जिस पर कोई और स्टार और छोटे बजट की अच्छी फिल्म कमा सकती है।

कैसे आएंगे नए स्टार

कैसे आएंगे नए स्टार

मुकेश भट्ट ने सवाल किया कि अगर ये सुपरस्टार्स ही अपना स्टारडम लेकर बैठे रहेंगे तो फिर नए टैलेंट को पनपने का मौका कैसे मिलेगा ? एक सीनियर के तौर पर हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि नए टैलेंट को पूरा मौका दें कि वो खुद को साबित कर सके।

खान के आगे किसकी मजाल है

खान के आगे किसकी मजाल है

अगर ये खान किसी को मना कर दें कि मेरी फिल्म किसी भी त्योहार पर रिलीज़ नहीं होगी तो किस प्रोड्यूसर की मजाल है कि उनकी बात ना सुने। उनकी हालत तो इंडस्ट्री में वैसे ही है जैसा बैठ जा, बैठ गई और खड़ी हो जा तो खड़ी हो गई।

करप्ट हो गया है बॉलीवुड

करप्ट हो गया है बॉलीवुड

स्टूडियो कल्चर आने के बाद बॉलीवुड करप्ट हो गया। एक प्रोड्यूर जिसे 10 करोड़ मिलते थे उसे तीन गुना पैसा मिलने लगा, बाकी सबका दाम भी बढ़ गया। इससे जिसकी जितनी कीमत है वो उससे ज़्यादा बड़ा बन गया और हर किसी को लगने लगा कि वो वाकई उतना बड़ा और काबिल आदमी है।

एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से ज़्यादा कमाई

एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से ज़्यादा कमाई

एक्टर्स की फीस पर बात की जाए तो अगर हीरो ने ज़्यादा पैसे लिए तो उसके स्टाफ ने भी ज़्यादा पैसे लेने शुरू कर दिए। एक मामूली सा ऑफिस बॉय भी एक सीए से ज़्यादा कमाता है और ये गलत है। एक मेकअप मैन भी एक शिफ्ट का 25 हज़ार लेता है। जबकि हीरो कोई ऐसा मेकअप भी नहीं करता है। जो कैमरामैन 15 - 20 लाख लेता था वो अब एक करोड़ लेता है।

इतना तो कर सकते हैं स्टार

इतना तो कर सकते हैं स्टार

स्टार्स को करोड़ो रूपये दिए जाते हैं मेहनताने के तौर पर। कम से कम वो इतना तो कर ही सकते हैं कि अपने स्टाफ का बिल खुद भर दें। या फिर अपने स्टाफ को खुद फीस दें। एक प्रोड्यूसर पर ज़बर्दस्ती का बोझ डालकर, फिल्म का बजट बढ़ाना कितना सही है।

कहानी नहीं स्टार चला रहे हैं फिल्में

कहानी नहीं स्टार चला रहे हैं फिल्में

पहले कहानी दिल जीतती थी। अब कहानी से कोई मतलब नहीं है, एक स्टार ले लो और फिल्म चल जाती है। इसका कारण है कि हर स्टूडियो में एक एमबीए वाला बैठा है जिसको पैसे से मतलब है कला से नहीं। और उसके बाद वो इतनी हवा में बातें करेगा कि हम तो ताजमहल बना रहे हैं फिल्म नहीं।

अगले 2 साल

अगले 2 साल

ये सारी बातें वाकई कुछ बहुत ही अहम चीज़ों की ओर ध्यान खींचती है। उनकी मानें तो आने वाले 2 साल बॉलीवड के लिए बहुत ही अहम हैं क्योंकि चीज़ें बदल रही हैं।

बिगड़ी हैं तो बनेंगी

बिगड़ी हैं तो बनेंगी

चीज़ें मुश्किल होंगी पर अच्छी होंगी। और भले ही इस वक्त लग रहा हो कि ये बहुत मुश्किल वक्त है, पर ये बेहतर है कि जो चीज़ें बिगड़ी हैं वो कम से कम सुधर तो सकती हैं।

English summary
Ranbir Kapoor hints at Dutt biopic releasing this year christmas.
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