आखिर क्यों नहीं शादी करते रामू?

रामू का कहना हैः मैं शादी पर बिल्कुल विश्वास नहीं करता। सिर्फ समाज के लिए शादी को विज्ञापन की तरह इस्तेमाल करने का कोई अर्थ नहीं है। अगर दो लोग एक साथ रहना चाहते हैं तो उसके लिए शादी जैसी कोई ज़बर्दस्ती नहीं होनी चाहिए। यह तो वही बात हो गई कि दोनों एक दुसरे से भागकर ना जा सके इसलिए उन्हें एक कमरे में कैद करके रखा जाए। यह कैद भी तब तक जब तक कि दोनों एक दुसरे से ऊबकर झगडने ना लगे।
सिर्फ यही नहीं बच्चों के सवाल पर रामू का कहना हैः अगर बच्चे करने हों तो यह उनका अपना अपना नज़रिया है कि वह किस तरह और क्यों बच्चों की चाहत करते हैं। कम से कम मेरी ज़िन्दगी का ध्येय बच्चे पैदा करना नहीं है। मुझे लगता है मैं खुद बच्चा हूं अगर मेरा भी कोई बच्चा हुआ तो उसका प्रतिद्वंदी मैं खुद होऊंगा।
हे राम! तो सुन लिया आपने रामू के शादी ना करने की वजह। अगर वाकई रामू अपने ही बच्चों के प्रतिद्वंदी हुए तो सबसे बडी परेशानी उनकी पत्नी को होगी। चलिए अच्छा ही हुआ जो उन्होंने शादी नहीं कि वर्ना वह बेचारी पति को संभालती या बच्चों को।


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