अमिताभ की वजह से टूटी काका और डिंपल की शादी!

कहा जाता है कि जब अमिताभ ने बॉलीवुड में कदम रखा था तब राजेश खन्ना को महानायक कहा जाता था। अमिताभ भी उनके फैन थे। लेकिन फिर जंजीर, अभिमान, नमक हराम जैसी हिट फिल्में करके अमिताभ भी धीरे धीरे बॉलीवुड के टॉप एक्टरों की लिस्ट में आ गए। उस समय राजेश खन्ना की फिल्में भी सफल होती थीं लेकिन एकाएक अमिताभ की सफलता को देख काका थोड़ा सा असहज महसूस करने लगे। और फिर तो वो कब घर आते ये किसी को पता तक नहीं होता। वो देर तक शूटिंग करते कभी कभी तो कई कई दिनों तक वो घर नहीं आते थे।
1973 में जब अमिताभ की फिल्म जंजीर आई तो अमिताभ का स्टारडम ऊंचाईयों को छूता चला गया। एक तरफ अमिताभ की जंजीर, रोटी कपड़ा और मकान, मजबूर, चुपके चुपके, दीवार और शोले जैसी एक बाद एक हिट फिल्में बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ती जा रही थीं वहीं दूसरी तरफ राजेश खन्ना की दाग, प्रेम नगर, अजनबी और राजा रानी जैसी फिल्में भी हिट होती जा रही थीं। दोनों सुपरस्टार्स के बीच एक शांति थी लेकिन राजेश खन्ना कहीं ना कहीं इस शांति में घुट रहे थे। अपने करियर को डोलता हुआ महसूस कर रहे थे।
अपनी व्यस्तता के चलते काका अपनी पत्नी डिंपल कपाडिया से भी दूर होते चले गए। उस समय काका द्वरा उपेक्षित हुई डिंपल ने भी फिर से बॉलीवुड में अपना करियर शुरु करने का फैसला किया और वो भी व्यस्त होती गईं और फिर 1984 में डिंपल और काका अलग हो गए। दोनों ने एक दूसरे को तलाक नहीं दिया सिर्फ अलग अलग घरों में रहने लगे। काका अपने बंगले आशिर्वाद में रहते थे और डिंपल अपनी दोनों बेटियों के साथ।
अमिताभ और काका ने कुछ हिट फिल्में साथ में भी कीं जैसे आनंद और नमक हराम। लेकिन साथ में फिल्में करने के बावजूद राजेश खन्ना के दिल से अमिताभ के लिए जो थोड़ी सी जलन थी वो खत्म नहीं हुई। हाल ही में18 जुलाई को राजेश खन्ना के निधन के बाद से ही उनके और उनसे जुड़े रिश्तों को लेकर नई नई बातें सामने आईं। अमिताभ ने भी इस महानायक को अपनी श्रृद्धांजलि देते हुए अपने ब्लॉग में लिखा कि जब मैं बॉलीवुड में आया तो राजेश खन्ना महानायक कहे जाते थे। उनके हाथ मिलाना मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी लेकिन उनके लिए ये एक रोजाना का काम था।


Click it and Unblock the Notifications