100 करोड़ फीस क्लब: प्रभास भी शाहरूख के साथ शामिल, अक्षय कुमार लेते हैं सबसे ज़्यादा फीस
बॉलीवुड में 100 करोड़ की कमाई के बाद अब 100 करोड़ फीस क्लब खुल चुका है। इस क्लब की शुरूआत की थी अक्षय कुमार ने। और इस क्लब में शामिल हो चुके हैं सुपरस्टार प्रभास। शाहरूख खान भी खबरों के मुताबिक इस क्लब का हिस्सा हैं। जहां, अक्षय कुमार 100 करोड़ से ज़्यादा की फीस लेकर भारत के सबसे महंगे एक्टर बन चुके हैं।
वहीं दूसरी तरफ, अब प्रभास और शाहरूख खान भी 100 करोड़ की फीस लेने वाले एक्टर बन चुके हैं। माना जा रहा है कि शाहरूख खान ने पठान 100 करोड़ में साईन की है।

वहीं प्रभास ने अपनी आने वाली फिल्में नाग अश्विन की साई - फाई फिल्म और आदिपुरूष के लिए लगभग 100 करोड़ की फीस चार्ज की है। माना जा रहा है कि अब वो अपनी हर फिल्म की फीस, उसकी टार्गेट ऑडियंस देखने के बाद ही तय करेंगे।
फिलहाल 100 करोड़ फीस लेने वाले वो इकलौते दक्षिण भारतीय एक्टर हैं। गौरतलब है कि प्रभास अपनी पिछली फिल्म बाहुबली से ग्लोबल स्टार बन चुके हैं जिससे एक बात साफ है कि प्रभास ने जो कर दिखाया है उसके बाद कई ऐसी बातें हैं जो हर स्टार को उनसे सीखनी चाहिए।

धीरे धीरे बढ़ते कदम
प्रभास ने ये साबित किया है कि दुनिया मुट्ठी में करने के लिए धीरे धीरे कदम बढ़ाने पड़ते हैं। प्रभास काफी सालों से इंडस्ट्री में है लेकिन सुपरस्टार का दर्जा उन्हें अब जाकर हासिल हुआ है।

उठा लेते हैं रिस्क
प्रभास की पिछली फिल्म साहो का बजट 350 करोड़ था। लेकिन इस फिल्म में प्रभास के साथ पूरा रिस्क उठाया गया। इतने बड़े बजट का मतलब ये भी था कि फिल्म में किसी भी चीज़ से Compromise या Adjust नहीं किया गया।

कमिटमेंट
भले ही ये डायलॉग सलमान खान का हो कि जो मैंने एक बार कमिटमेंट कर दी तो अपने आप की भी नहीं सुनता। लेकिन ये प्रभास पर बिल्कुल सटीक बैठता है। उन्होंने असल मायने में दिखा दिया है कि अपने काम के प्रति कमिटमेंट किसे कहते हैं। एक फिल्म में प्रभास सालों लगा देते हैं।

धैर्य
प्रभास के धैर्य की हर किसी को दाद देनी पड़ेगी । उन्होंने बाहुबली के कैरेक्टर को असल मायनो में इतने सालों तक ना सिर्फ पर्दे पर निभाया बल्कि रील पर भी शानदार तरीके कर दिखाया।

मेहनत का कोई विकल्प नहीं
एक फिल्म के प्रभास ने क्या क्या नहीं किया। वजन घटाने से लेकर वजन बढ़ाना। कभी अपना लुक बदल लेना। उन्होंने वाकई प्रूव किया है कि अगर सफल होना है तो मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता।

हिम्मत
जो खतरों से खेल जाता है वही असली खिलाड़ी बनता है। ये बात बिल्कुल सच है। उन्होंने बाहुबली करने का रिस्क लिया और जो कोई और स्टार्स नहीं लेना चाह रहा था। नतीजा सबके सामने है।

विश्वास
किसी भी एक्टर के लिए सबसे ज्यादा जरूरत है अपने डायरेक्टर के ऊपर विश्वास बनाए रखना। और प्रभास ने ये विश्वास हमेशा बनाए रखा चाहे वो बाहुबली रही हो या फिर साहो।

टीम प्लेयर
एक अच्छी टीम ही एक अच्छी फिल्म बना पाती है। और प्रभास अपने साथ अपनी पूरी टीम को भी फिल्म में अपनी छाप छोड़ने का पूरा मौका देते हैं। उनका स्टारडम कभी फिल्म पर हावी नहीं हुआ।

पहले काम
ये सीख भी हर सुपरस्टार को जरूर लेनी चाहिए कि काम से पहले स्टारडम और निजी चीजों को नहीं रखना चाहिए। एक काम ही है जो किसी को फर्श से अर्श पर पहुंचाता है ।

हर चीज़ का सही तरीका
प्रभास ने अपनी पिछली हिंदी फिल्म साहो के साथ अपने हिंदी फैन्स के दिल में अपने लिए सम्मान थोड़ा और बढ़ाया। फिल्म के हिंदी डायलॉग्स उनके लिए देवनागरी लिपि यानि कि हिंदी में ही लिखे गए थे। उन्हें हिंदी पढ़ने में भी आती है और लिखने भी। फिल्म के डायलॉग्स भी प्रभास ने खुद ही डब किए थे।


Click it and Unblock the Notifications
