न्यूडिटी से एतराज नंदना सेन को

तभी तो नंदना ने इटली के निर्देशक इटालो स्पीनेली के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इटालो की फिल्म महाश्वेता देवी की लघु कहानी 'चोली के पीछे' पर है। इस कथा की पृष्ठभूमि में 1950 के दशक की आदिवासी महिलाएं है जो अपने बदन पर केवल एक कपड़ा लपेटे रहती थी। नंदना को फिल्म में आदिवासी महिला का किरदार निभाना था जिसे उन्होंने मना कर दिया।
नंदना ने इससे कई फिल्मों में अंग प्रदर्शन किया है जिसमें टैंगो चार्ली शामिल है। हाल में आई केतन मेहता की फिल्म रंग रसिया में उन्होने एक चित्रकार राजा रवि वर्मा की प्रेयसी की भूमिका की है।
अब अचानक उनके अंदर इतना बदलाव कैसे आ गया है।


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