स्माइली ने सिखाया मजनुओं को सबक

हुआ यूं कि स्माइली सुबह के समय माहिम चर्च जा रही थी। उसने जब गाडी़ पार्क की तो उसने देखा कि दो सड़कछाप मजनू उसे देखकर मुस्कुरा रहे थे और आपस में कुछ बात किये जा रहे थे। स्माइली ने उनकी तरफ ध्यान दिये बिना चर्च में प्रार्थना की।
इसके बाद वह जैसे ही उसने सड़क पार की वैसे ही उनमें से एक आदमी ने स्माइली को टकर मार दी। दोनो स्माइली से बदतमीजी करने लगे। इससे स्माइली थोडे़ देर तक बिल्कुल बौखला गई लेकिन फिर उसने उन्हें मारने के लिए अपने जूते निकाल लिये।
इस पर दो बूढी़ औरतों ने स्माइली को ऐसा करने से रोका। इस पर स्माइली वापस जाने लगी तो दोनो सड़कछाप स्माइली को देखकर हंसने लगे और उसका मजाक बनाने लगे। इसके बाद तो स्माइली गुस्से से कांपने लगी और उसने उन्हें सबक सिखाने की ठान ली। उसने उनमें से एक आदमी को पकड़ लिया और उसे जोरदार लात मारनी शुरु करनी कर दी। मार खाने से उन मजनुओं को अच्छा सबक मिल गया।
स्माइली ने तो मजनुओं को सबक सिखा दिया, लेकिन क्या अन्य लड़कियां भी स्माइली कुछ सीख लेंगी।


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