सालियों ने छिपाये प्रवीण के जूते

बेचारे प्रवीण ने बडी अनुनय विनय की कि उनका डेढ हजार का जूता लौटा दिया जाये लेकिन सालियां थी कि मानने को ही तैयार नहीं हुई और पचास हजार रुपया मांगने लगी. अब नंगे पांव प्रवीण भला अपनी दुल्हन को कैसे अपने घर ले जाते. सो जूते लौटाने पर सौदा पटने लगा और फिर 35 हजार रुपये में सौदा फिट हुआ.
बेचारे प्रवीण सालियों के हाथ बेवकूफ बन गये, अगर वे जूते के लिए 35 हजार नहीं देते तो वे इतने पैसे में तो डेढ डेढ हजार रुपये के दो दर्जन जूते खरीद लाते.


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