अरशद को नहीं काटा कुत्ते ने

लेकिन कुत्ता था कि किसी भी कीमत पर अरशद को काटने के लिए तैयार ही नहीं हो रहा था. तब फिल्म के निर्देशक जयदीप सेन ने एक आइडिया निकाला और अरशद की जेब में अंडा रख दिया ताकि कुत्ता जेब में पडे अंडे के कारण ही अरशद पर झपट्टा मारे लेकिन तब सारी यूनिट हैरान रह गई जब कुत्ते ने फिर भी अरशद पर झपट्टा नहीं मारा. इतना ही नहीं इसके बाद अरशद की जेब मांस का टुकडा भी रखा गया. लेकिन कुत्ता फिर भी लालच में नहीं आया.
इससे थक हार कर निर्देशक ने अरशद के डुप्लिकेट के रुप में अपने एक सहायक को लिया और कमाल हो गया, कुत्ते ने डुप्लिकेट पर बेझिझक झपट्टा मारा और सीन ओ के हो गया.
दरअसल यह कुत्ता अरशद के साथ खेलते कूदते उसका दोस्त बन गया था और वह इंसान तो है नहीं जो अपने दोस्त को काटने की हिम्मत करे. लगता है कुत्ते ने लगे रहो मुन्ना भाई फिल्म भी देख रखी थी और तब से वह अरशद का प्रशंसक भी बन गया होगा.


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