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    #KaraaraTaana: अगर सलमान फिल्म को सीरियसली नहीं ले रहे होते तो....

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    सलमान खान हर नए एक्टर के लिए एक मिसाल हैं। और हर एक्टर उन्हें फॉलो करने की कोशिश करता है। हर नया एक्टर उनके साथ काम करने का सपना देखता है।

    आजकल कृति खरबंदा अपनी आने वाली फिल्म गेस्ट इन लंदन प्रमोट कर रही हैं। कृति खरबंदा साउथ की इंडस्ट्री में जाना माना नाम हैं। फिल्म प्रमोशन के दौरान उनसे पूछा गया कि बाहुबली के बाद, साउथ के सिनेमा को सीरियसली लिया जाने लगा है, इस बारे में उनका क्या कहना है। अब कृति समझदारी भरी बातें करने के चक्कर में गलती कर बैठीं।

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    दरअसल, बातों बातों में कृति ने कह डाला कि ऐसा नहीं है कि साउथ की फिल्मों का सीरियसली नहीं लिया जाता है। सलमान सर को देखिए उनकी तो कितनी फिल्में साउथ की रीमेक हैं। सारी फिल्में ब्लॉकबस्टर है।

    कृति का इशारा उन फिल्मों की तरफ है जिन्होंने एक बार फिर सलमान खान के करियर को बुलंदी पर पहुंचाया था। वांटेड ने सलमान खान को एक बार फिर शिखर पर पहुंचा दिया था।

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    इसके बाद बॉडीगार्ड, जय हो, रेडी सारी फिल्में साउथ की फिल्मों का रीमेक थीं। सलमान के करियर की सबसे अहम फिल्म तेरे नाम भी साउथ की ही एक फिल्म का रीमेक थी।

    बस इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए कृति ने कहा कि अगर सलमान इन फिल्मों को सीरियसली नहीं लेते तो फिर ये फिल्में ना बनतीं, ना ही ब्लॉकबस्टर होतीं। रहा सवाल बाहुबली का, तो उसने लोगों की सोच बदल दी जो कि बहुत बढ़िया है।

    वैसे देखा जाए तो बाहुबली ने बॉलीवुड की धज्जियां ही नहीं उड़ाईं बल्कि कई अहम नियम भी तोड़े। बहरहाल, आप जानिए बॉलीवुड के 15 वहम जिनकी बाहुबली 2 ने धज्जियां उड़ा दीं -

     आईपीएल सीज़न होता है ठंडा

    आईपीएल सीज़न होता है ठंडा

    माना जाता है कि आपीएल सीज़न ठंडा होता है। इस दौरान लोग केवल मैच देखते हैं, फिल्में नहीं। बाहुबली 2 ने साबित किया कि लोग फिल्में भी देखते हैं और ताबड़तोड़ देखते हैं, बशर्ते फिल्में देखने लायक हों तो।

     फेस्टिवल के बिना रिलीज़

    फेस्टिवल के बिना रिलीज़

    सलमान खान की ईद और शाहरूख खान की दीवाली। आमिर खान का क्रिसमस औऱ जो बचे वो अक्षय कुमार - ऋतिक रोशन का। इन सब चक्कर में पड़कर फिल्में नहीं कमाती हैं, ये बाहुबली ने दिखा दिया।

    स्टारडम से कमाती हैं फिल्में

    स्टारडम से कमाती हैं फिल्में

    फिल्म में जब तक कोई बड़ा स्टार नहीं होगा तब तक फिल्म नहीं कमाएगी ऐसा नहीं होता है। बाहुबली में तमन्ना छोड़कर किसी को लोग नहीं जानते थे। बल्कि राजामौली भी चाहते थे कि फिल्म में पहचाने हुए चेहरे हों जैसे ऋतिक रोशन - जॉन अब्राहम पर ऐसा नहीं हो पाया और शायद अच्छा ही हुआ।

    प्रमोशन के बिना भी होता है गुज़ारा

    प्रमोशन के बिना भी होता है गुज़ारा

    शाहरूख खान रेल से रईस का प्रमोशन कर रहे थे तो अभिषेक बच्चन एक ही दिन में 10 शहर जाकर अपनी फिल्में प्रमोट किए। इतने ज़्यादा प्रमोशन से कुछ नहीं होता है। बिना प्रमोशन भी फिल्में चल जाती हैं, अगर ढंग से प्लान बनाया जाए तो!

     कंटेंट होता है बॉक्स ऑफिस का बाप

    कंटेंट होता है बॉक्स ऑफिस का बाप

    केवल एक स्टार लेकर, गाने डालकर, एक आईटम नंबर और थोड़ा सा रोमांस ही फिल्म के लिए काफी नहीं होता है। फिल्म को कंटेंट चाहिए तब जाकर वो बॉक्स ऑफिस पर टिकती है।

    आईटम के बिना नहीं होती हिट

    आईटम के बिना नहीं होती हिट

    बिना आईटम सॉन्ग के भी फिल्म हिट होती है। ये तो बॉलीवुड ज़रूर सीख ले। चाहे ब्रदर्स का मैरी हो या फिर मुन्नी है पैसे वालों की। कंटेंट के बिना, आईटम डांस भी इन फिल्मों को हिट नहीं करा पाया।

    स्क्रीन से नहीं दर्शकों से होती है कमाई

    स्क्रीन से नहीं दर्शकों से होती है कमाई

    हर बार, हर स्टार अपनी रिलीज़ की स्क्रीन बढ़ाता जाता है। जैसे अगर बजरंगी 4000 स्क्रीन पर रिलीज़ हुई तो सुलतान 5000। लेकिन इससे कुछ नहीं होता, सुलतान की Occupancy 3 दिन तक भी बाहुबली के बराबर नहीं थी। वहीं बाहुबली 7 दिन तक 80 प्रतिशत दर्शकों के साथ टिकी थी।

    उम्र से नहीं बनता हीरो

    उम्र से नहीं बनता हीरो

    हीरो और रोमांस उम्र देखकर किया जाना चाहिए। वरना कितना भी सुपरस्टार हो, दर्शक उसे नकार ही देंगे।

    फटाफट नहीं बन जाती हैं फिल्में

    फटाफट नहीं बन जाती हैं फिल्में

    बाहुबली 5 साल में बनी। यहां प्रेम रतन धन पायो का शे़ड्यूल ज़रा सा खिंचा था कि आफत हो गई थी। हमारे यहां 40 दिन में फिल्म निपटा देने की परंपरा है। क्योंकि कई स्टार्स की फीस भी हर दिन के हिसाब से होती है।

     जो टिकता है वो बिकता है

    जो टिकता है वो बिकता है

    जो बॉक्स ऑफिस पर 10 दिन तक टिका रहा वही बिकता है। यहां पर उल्टा होता है, शुरू के तीन दिन फिल्म ने जितना कमा लिया वही फिल्म की जमा पूंजी होती है।

     क्लास वाली फिल्में

    क्लास वाली फिल्में

    कुछ फिल्में एक क्लास के लिए होती हैं। ऐसा कुछ नहीं होता है। अच्छी फिल्में हर दर्शक देखना चाहता है।

    तीन दिन में 100 करोड़

    तीन दिन में 100 करोड़

    अगर फिल्म ने तीन दिन में 100 करोड़ कमा लिया तो वो ब्लॉकबस्टर है। यहां बाहुबली ने चार दिन तक लगातार 100 करोड़ कमाया।

    डायरेक्टर वो ही जो हीरो मन भाए

    डायरेक्टर वो ही जो हीरो मन भाए

    हमारे यहां एक्टर अपना डायरेक्टर ढूंढ लेता है। जैसे कि सलमान ने टाईगर सीक्वल के लिए अपने सुलतान डायरेक्टर को फाइनल कर लिया। जबकि एक था टाईगर कबीर खान की कहानी है जो दिमाग से काफी सक्षम है और जो मानते हैं कि सीक्वल ऐसे हवा में नहीं बन जाते।

    एक फिल्म का हौव्वा

    एक फिल्म का हौव्वा

    किसी फिल्म का इतना हौव्वा नहीं बनाना चाहिए कि उसकी हवा निकल जाए। जैसे कि हीरो रीमेक को सलमान ने प्रमोट कर कर के फिल्म की जान निकाल दी।

     सीक्वल मतलब सीक्वल

    सीक्वल मतलब सीक्वल

    भईया सीधी बात। सीक्वल मतलब सीक्वल होता है औऱ वो कायदे से, प्लान बनाने के बाद ही बनाया जाता है।

    English summary
    Kriti Kharbanda takes a dig at Salman Khan box office.

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