Sssh: एकदम चुपचाप फाइनल हो गई है पद्मावती की #ReleaseDate...नहीं होगा एलान! पहले अफवाहें उड़ीं कि फिल्म लव जिहाद पर बनी है। इसके बाद, फिल्म के नाम से भाईजान हटाने की डिमांड की गई क्योंकि बजरंगी के साथ भाईजान किसी को कुबूल नहीं है।Advertisement पीके के एक सीन में आमिर खान अपने ऊपर स्टिकर चिपकाते हैं। एक सीन में शिव की कॉस्ट्यूम में दौड़ जाते हैं और इन सब बातों से बल्कि पूरी फिल्म से लोगों को काफी आपत्ति थी। बाजीराव मस्तानी की कहानी को लेकर लोगों ने काफी विरोध किया। वहीं दूसरी तरफ, मस्तानी के किरदार को भी कई लोगों ने इतिहास की बेइज़्जती करना बताया। फिल्म के नाम को लेकर इतना विवाद हुआ कि फिल्म का नाम रामलीला से बदलकर गोलियों की रासलीला राम - लीला रखा गया। फिल्म को लेकर, पंजाब में काफी गहमागहमी हुई। और फिल्म को बैन करने की डिमांड की गई। खुद सेंसर बोर्ड ने फिल्म को पास ना करने की कोशिश की। उसके बाद, फिल्म की सेंसर कॉपी लीक हो गई। फिल्म में जोधा बाई के किरदार को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन किया गया। दिलचस्प ये है कि ऐसा ही एक सीरियल भी आया लेकिन उस पर किसी ने कोई विरोध नहीं किया। फिल्म को लेकर जम्मू कश्मीर में काफी विरोध हुआ। तमिल में मुस्लिमों ने फिल्म का भरपूर विरोध किया था। फिल्म ने हिंदू धर्म और आस्था पर काफी सवाल उठाए थे और इसका काफी विरोध किया गया था। फिल्म को धर्म के विरूद्ध बताया गया। फिल्म विधवाओं के साथ क्रूर प्रथा और उन पर हो रहे अत्याचार की कहानी थी। फिल्म का इतना विरोध हुआ कि दीपा मेहता को फिल्म दूसरे नाम से श्रीलंका में शूट की गई। फिल्म का तमिल ग्रुप्स ने काफी विरोध किया है। शाहरूख खान स्टारर इस फिल्म का कई कारणों से विरोध किया गया।