धारावाहिक 'अंबर-धारा' की कहानी चुरायी हुई

तिवारी ने आईएएनएस से कहा, "हमने जब अंबर-धारा बनाने का फैसला किया तब तक तो हमने लाली-लीला के बारे में सुना भी नहीं था। हमने अपनी पटकथा लिखने के बाद ही यह नाटक देखा।"
उन्होंने कहा, "हमने इस धारावाहिक को शुरू करने से पहले शरीर से जुड़े जुड़वा बच्चों का व्यापक अध्ययन किया। हमारे इस धारावाहिक का प्रमुख प्रेरणा स्रोत बने कनाडा के शरीर से जुड़े दो बच्चे, जिसमें एक गिटार बजाता है और दूसरा गीत गाता है जैसे की हमारी अंबर और धारा हैं।"
उन्होंने कहा कि इस धारावाहिक में काम कर रही दोनों लड़कियां सगी बहनों जैसी हैं। हालांकि वे कुछ महीने पहले ही मिली हैं लेकिन उनमें बहुत ज्यादा अपनत्व की भावना जुड़ गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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