सस्पेंस: रेखा-अमिताभ एक अनकही मुहब्बत या अनसुनी कहानी

लेकिन ना तो रेखा और ना ही अमिताभ, दोनों एक-दूसरे के बारे में कुछ कहते हैं। सही में ऐसा कुछ है जो इन्हें पास आने से रोकता है। आज अमिताभ बेकरारी से अपनी नई पीढ़ी के आने का इंतजार कर रहे हैं, तो वहीं ऐश के लिए रेखा ने भी ऊपर वाले से दुआ मांगी है। लेकिन रेखा ने खुलकर कभी भी यह बात जाहिर नहीं की। रेखा अमिताभ के ब्लॉग पढ़ती हैं लेकिन उन पर प्रतिक्रिया नहीं देती। अमिताभ की फिल्में देखकर तारीफ करती हैं लेकिन यह कह कर कि वो बहुत अच्छे कलाकार है।
कहते है ना, अगर इश्क का रोग एक बार लग जाये तो जितना भी इलाज करा लो वो ठीक नहीं होता है, ना तो दुआ और ना ही दवा काम आती है, वक्त थोड़े देर के लिए मलहम लगा देता है लेकिन गाहे-बेगाहे मुहब्बत की टीस उठती ही रहती है। बॉलीवुड के इस हसीन जोड़े के प्यार पर उम्र हावी नहीं हुई है, जिसके कारण लोग आज भी इस रहस्यमय अधूरे प्यार के बारे में जानना चाहते हैं।
दोनों का जिक्र जब भी होता है लोगों की धड़कने बढ़ जाती है, रेखा-अमिताभ आज भी आमने-सामने आने में कतराते हैं, पता नहीं, दोनों के दिलों में कौन सा डर समाया है जिसके चलते दोनों को लगता है कि अगर वो आमने-सामने आये तो कुछ ऐसा सच सामने आ जायेगा जिसका सामना दोनों के लिए मुश्किल होगा। ताज्जुब यह है कि इस अनकहे प्यार और अनसुनी कहानी के बारे में हमारी नयी पीढ़ी भी जानने को उत्सुक रहती है।
बॉलीवुड में ऐसे बहुत सारी अधूरी प्रेम कहानियां है जिन्हें उनका मुकाम नहीं मिला लेकिन रेखा की बात और है, अमिताभ और रेखा के बीच में कभी कुछ था भी या बस सब कहानियां है, इस बात की सच्चाई भी कोई नहीं जानता। लेकिन इतना तय है कि दोनों के बीच में जरूर कुछ ऐसा था जिसे दोनों ने दुनिया के चलते तो दूर कर दिया लेकिन खुद से दूर नहीं कर पाये तभी तो दोनों मे फिल्म 'सिलसिला' के बाद एक साथ कभी भी काम नहीं किया।
जबकि दोनों जानते हैं कि अगर दोनों आज हां कर दे तो शायद प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टरों की इतनी भीड़ उन के घर पर लग जायेगी जितनी कोई सोच भी नहीं सकता है क्योंकि सभी जानते हैं कि दोनों को साथ देखने के लिए भारत की जनता भी बेकरार रहती है। उमराव जान फिल्म के गाने की लाइन दोनों के ऊपर बिल्कुल फिट बैठती है..जिसमें कहा गया है कि खुद को रूसवा ना किया...खुद भी पशेमां ना हुए।
आपको बता दें कि रेखा और अमिताभ ने एक साथ कई हिट फिल्में दी है जिनमें गंगा की सौगंध, खून-पसीना, नटवरलाल, सुहाग, मुकद्दर का सिंकदर और सिलसिला शामिल है। यश चोपड़ा निर्देशित सिलसिला दोनों की आखिरी फिल्म थी जिसमें दोनों ने साथ काम किया था।


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