इस फिल्म ने बदल दी दीपिका पादुकोण की ज़िंदगी- पद्मावत या बाजीराव मस्तानी नहीं!
दीपिका पादुकोण का नाम लेते ही.. पद्मावत या बाजीराव मस्तानी जैसी फिल्मों का नाम याद आ जाता है। दीपिका ने एक से बढ़कर एक फिल्में दी हैं। कॉकटेल हो या पीकू, राम-लीला हो या बाजीराव मस्तानी.. दीपिका ने कभी दर्शकों को निराश नहीं किया है। लेकिन दीपिका खुद किस फिल्म को सबसे खास मानती हैं?
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हाल ही में एक चैट शो के दौरान दीपिका पादुकोण ने अपनी फिल्मों पर खुलकर बातें की। दीपिका ने अपनी डेब्यू फिल्म ओम शांति ओम को याद करते हुए कहा कि उस फिल्म के साथ मेरी जिंदगी रातों रात बदल गई थी। ओम शांति ओम की रिलीज के बाद मुझे लोगों से जैसी प्रतिक्रिया मिली, मैं समझ चुकी थी कि मेरी जिंदगी हमेशा के लिए बदल चुकी है। वह फिल्म मेरे लिए बेहद खास है।

दीपिका ने कहा, उस फिल्म ने मुझे दुनिया के सामने रखा। कह सकते हैं कि मैं सभी समय पर सही जगह पर थी.. साथ ही वह मेरे लिए मेहनत, डेडिकेशन और त्याग का नतीजा था। मैं मुंबई आई, मेरी मुलाकात अनिल आनंद से हुई, जिन्होंने मुझे फिल्म इंडस्ट्री में आने के लिए प्रोत्साहित किया। या अतुल कसबेकर से मिलना हुआ.. जो पहले व्यक्ति थे जिन्होंने मेरे माता- पिता से जाकर बात की थी और मुंबई के लिए राजी किया था।
फराह खान का उसी वक्त ओम शांति ओम बनाना और किसी न्यूकमर को कास्ट करना भी अंचेभा से कम नहीं था। फराह चाहतीं तो आराम से किसी टॉप एक्ट्रेस को शाहरुख के अपोजिट कास्ट कर सकती थीं। लेकिन उन्होंने एक न्यूकमर को चुना। फराह ने मेरा एक एड देखा था और उन्हें लगा कि मैं इस रोल के लिए सही रहूंगी।
उस वक्त ना मुझे फराह खान जानतीं थी.. ना शाहरुख खान। लेकिन उन दोनों ने रिस्क लेना सही समझा और मुझे यह चांस मिला। मैं वह लम्हा कभी नहीं भूल सकती हूं।


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