बातें बनाने में माहिर बिपाशा
विपाशा कहती हैं कि उनके साथ ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। किसी भी फिल्म में उनकी भूमिका को कभी इतना काटा-छांटा नहीं गया था। लेकिन 'आक्रोश' में अपने किरदार के साथ हुई कांट-छांट को वह एक अच्छी फिल्म परोसने के अभियान का हिस्सा मानती हैं। विपाशा कहती हैं, "मैं शुरुआत से ही जानती थी कि मेरी भूमिका तुलनात्मक रूप से छोटी थी लेकिन मैं इस फिल्म का हिस्सा बनना चाहती थी क्योंकि मैं इसमें विश्वास करती हूं।
जब इस सप्ताह की शुरुआत में मैंने पूरी फिल्म देखी तो मुझे एहसास हुआ कि मेरी भूमिका और भी छोटी की गई है। मैंने जिन महत्वपूर्ण दृश्यों के लिए शूटिंग की थी उन्हें हटा दिया गया।" उन्होंने कहा, "कभी-कभी किसी ऐसी फिल्म का हिस्सा बनना ही महत्वपूर्ण होता है जो कुछ महत्वपूर्ण करती है। हम शहरों में रहते हैं और हमें यह मालूम भी नहीं होता कि पिछड़े इलाकों में क्या हो रहा है। हम शहरों में रहने वाले अपनी आंखों पर पट्टी बांधे रहते हैं। एक अभिनेत्री होने के नाते मैं यह कहने में शर्मिंदा हूं कि मैं दुनिया के प्रति उतनी जागरूक नहीं हूं जितना कि मुझे होना चाहिए।"
खैर इससे ये तो जाहिर है कि बिपाशा भले ही कलाकार उम्दा ना हों लेकिन बातें करने की कला उन्हे खूब आती है। क्योंकि एक ओर तो उन्होने अपने कमेंट से ये भी जाहिर कर दिया कि वे एक जिम्मेदार और गंभीर कलाकार हैं वहीं दूसरी ओर प्रियदर्शन तक अपनी नाराजगी भी जता दी।


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