एक्ट्रेस के पिता जब पिस्तौल लेकर पहुंचे स्टूडियो, जबरदस्ती कराई शादी... महाराजा से रचाई..

साल 2001 में जुबैदा फिल्म को श्याम बेनेगल ने डायरेक्ट किया था. बता दें कि इस फिल्म में करिश्मा कपूर और मनोज बाजपाई के साथ-साथ रेखा भी लीड किरदार में नजर आई थी. दरअसल आपको बता दें कि इस फिल्म को पचास के दशक की मशहूर अभिनेत्री जुबैदा बेगम की दुख भरी जीवन की कहानी पर बनाया गया था. बता दें कि उनकी साल 1952 में महाराजा हनवंत सिंह के साथ में एक प्लेन क्रैश में मृत्यु हो गई थी. जोधपुर के लोगों का तो आज भी यही कहना है कि उम्मेद भवन पैलेस में आज भी उनकी आत्मा भटकती रहती है.
जुबैदा का था एक्ट्रेस बनने का सपना
जुबेदा बेगम एक रईस मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखती थी और आपको बता दें कि उनके पिता कासिम भाई मेहता एक स्टूडियो के मालिक हुआ करते थे. जुबेदा बेगम की मां भी एक उम्दा गाय का हुआ करती थी. फिल्मी सितारों का उनके घर पर आना जाना हुआ करता था. इसी वजह से उनके मन में भी एक्ट्रेस बनने का जुनून सवार हो चुका था. इसी वजह से उन्होंने डांस और गायकी का प्रशिक्षण लिया और बाद में पिता की दोस्त और मशहूर अभिनेत्री के साथ में शूटिंग भी देखने गई हुई थी.
शूटिंग पर पिस्तौल लेकर पहुंचे थे पिता
लेकिन जब वह शूटिंग देखने गई तो जुबैदा को देखकर डायरेक्टर ने उन्हें एक्ट्रेस बनने के लिए ऑफर कर दिया. लेकिन वह हमेशा से जानती थी कि इन सब चीजों के लिए उनके पिता कभी भी तैयार नहीं होंगे. लेकिन उन्हीं के पिता की एक दोस्त जो कि एक मशहूर एक्ट्रेस हुआ करती थी जुबैदा उन्हें आंटी भी कहा करती थी. उन्हीं के साथ में वह शूटिंग भी देखने जाया करती थी. लेकिन जब जुबेदा के पिता को इस बात का पता लगा तो वह शूटिंग पर पिस्तौल लेकर पहुंच गए.
जुबैदा के पिता ने कराई ज़बरदस्ती शादी
जुबैदा ने उषा किरण नाम की एक फिल्म में काम किया. इस फिल्म में गीता बाली को लीड किरदार में देखा गया था. फिल्म बनकर तो तैयार हो गई थी लेकिन जुबैदा के पिता की वजह से यह फिल्म कभी रिलीज ना हो सकी. कुछ खबरों की मानें तो आपको बता दें कि जुबैदा के पिता ने अपनी बेटी के एक्ट्रेस बनने के सपने को पूरी तरीके से रौंदकर रख दिया था. जबरदस्ती जुबैदा की शादी अपने एक दोस्त के लड़के से करवा दी थी. जिसके बाद में जुबैदा ने एक बेटे को जन्म दिया और उसका नाम खालिद मोहम्मद रखा गया.
जुबैदा के बेटे ने बनाई मां पर फ़िल्म
लेकिन जुबैदा के पिता ने बाद में जबरदस्ती उनका तलाक करवा दिया और ससुराल वालों से सारे रिश्ते बिगड़वा दिए. जिसके बाद में एक्ट्रेस ने जोधपुर के महाराजा हनवंत सिंह के साथ में धर्म परिवर्तन करके शादी रचाई और शाही घराने वह पहुंच तो गई लेकिन वहां की कभी बहू नहीं बन पाई. बाद में एक प्लेन क्रैश के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. बताया जाता है कि जुबेदा की आत्मा आज भी उम्मीद भवन के एक पैलेस और एक स्कूल के आस-पास ही भटका करती है. बाद में एक्ट्रेस जुबैदा के बेटे और मशहूर लेखक खालिद मोहम्मद ने अपनी ही मां के निधन पर 50 साल बाद एक फिल्म लिखी और 2001 में 'जुबैदा' नाम की एक फिल्म भी रिलीज हुई थी.


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