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    ज़ोहरा सहगल से लेकर नीना गुप्ता, तापसी पन्नूू से लेकर स्वरा तक - बॉलीवुड की 17 सबसे हटके मां

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    मां शब्द जितना ही छोटा है, उतनी ही बड़ी दुनिया इस छोटे से शब्द में समाई है। आज पूरी दुनिया मदर्स डे मना रही है और बॉलीवुड एक ऐसी जगह है जहां आपको हर तरह की मां मिल जाएगी। झगड़े वाली से नखरे वाली तक, डांट वाली से प्यार वाली तक। चिंता वाली से दोस्ती वाली तक और चिमटे वाली से थपकी वाली तक।

    जितनी महिलाएं, उतने ही खूबसूरत किरदार। यूं तो मां शब्द ही अपने आप में इतना सशक्त है कि आप दो मां की तुलना कभी नहीं कर सकते। ये भी नहीं कह सकते कि इसकी परवरिश, उसकी परवरिश से बेहतर कैसे है।

    लेकिन हां, ये ज़रूर है कि बॉलीवुड की आईकॉनिक मां से इतर, कुछ मां के किरदार ऐसे भी थे जो यादगार तो थे लेकिन उन्हें बार बार ज़ेहन में डालना ज़रूर पड़ता है। मदर्स डे के मौके पर हम कुछ ऐसे ही किरदार आपके लिए चुन कर लाए हैं जो बिल्कुल हट कर थे।

    सांड की आंख - भूमि पेडनेकर, तापसी पन्नू

    सांड की आंख - भूमि पेडनेकर, तापसी पन्नू

    शुरूआत करते हैं बॉलीवुड की नई खेप के साथ। सांड की आंख में दो दादियां, अपने घर की पोतियों को रास्ता दिखाने के लिए पहले खुद उस रास्ते पर चलती हैं। भूमि पेडनेकर और तापसी पन्नू की शूटिंग दादियों की भूूमिकाएं, हर मायने में प्रेरणादायक है और हर मां के लिए एक उम्मीद की किरण है कि वो चाहे तो अपनी बेटियों के लिए हर बेड़ी पार कर सकती है।

    सबसे आईकॉनिक मां

    सबसे आईकॉनिक मां

    अगर बॉलीवुड के इतिहास की शुरूआत करें तो मां की भूमिका को सबसे पहले अमर किया था नरगिस ने मदर इंडिया में। एक मां जो अपने बेटे को अगर संस्कार देने में पीछे नहीं हटी तो सज़ा देने में भी पीछे नहीं हटी। दिलचस्प ये है कि नरगिस ने जब ये किरदार किया तो वो केवल 28 साल की थीं और फिल्म में उनके बेटे बने सुनील दत्त भी केवल 28 साल के थे।

    स्वरा भास्कर - निल बटे सन्नाटा

    स्वरा भास्कर - निल बटे सन्नाटा

    सिनेमा की आज की मां का अगर ज़िक्र होगा तो उसमें अश्विनी अईय्यर तिवारी की फिल्म निल बटे सन्नाटा का ज़िक्र ज़रूर होगा। घर घर जाकर काम करने वाली मां की भूूमिका में स्वरा भास्कर जो अपनी बेटी के लिए सपने देखती है। लेकिन साथ ही अपने सपने पूरा करने की भी ताकत रखती है। जिससे अपनी बेटी को एक सही रास्ता दिखा सके।

    सबसे कड़क मां - दीना पाठक, खूबसूरत

    सबसे कड़क मां - दीना पाठक, खूबसूरत

    बॉलीवुड के इतिहास के पन्नों को अगर पलटेंगे तो मिलेंगी बॉलीवुड की सबसे कड़क मां, ऋषिकेष मुखर्जी की खूबसूरत में। राकेश रोशन और रेखा स्टारर इस फिल्म की धुरी थीं दीना पाठक। एक कड़क मां जिनके घर में चाय की प्याली भी उनकी इजाज़त के बिना नहीं हिलती। ऐसे में क्या होगा जब नियमों को तोड़ने मरोड़ने वाली बहु घर में आए?

    सबसे कूल मां - किरण खेर

    सबसे कूल मां - किरण खेर

    बॉलीवुड की सबसे कूल मां का अगर ज़िक्र आएगा तो उसमें सबसे ऊपर नाम होगा किरण खेर का। चाहे हम तुम हो या फिर दोस्ताना या फिर नई खूबसूरत, किरण खेर ने अपने ऑन स्क्रीन बच्चों के साथ एक दोस्ती गांठ कर, नए ज़माने के साथ चलने की कोशिश की और उसमें पूरी तरह सफल भी हुईं।

    अरूणा ईरानी - बेटा

    अरूणा ईरानी - बेटा

    एक मां ऐसी भी थी जिसने सारी मां के दिल दहला कर रख दिए थे और वो थी अनिल कपूर की बेटा वाली मां अरूणा ईरानी। प्रायश्चित भले ही बाद में हो लेकिन अरूणा ईरानी की इस निगेटिव मां की इमेज बॉलीवुड के लिए बिल्कुल नई थी।

    मेहर विज - सीक्रेट सुपरस्टार

    मेहर विज - सीक्रेट सुपरस्टार

    अम्मियां कितनी प्यारी होती हैं, ये ज़ायरा वसीम ने सीक्रेट सुपरस्टार के गाने मेरी प्यारी अम्मी में गाकर ही बताया। वो अम्मी जिसके खुद के लिए भले ही लाख बेड़ियां हों लेकिन वो बेड़ियां वो लगातार अपनी बेटी के पैरों से तोड़ने की कोशिश करने में एक पल को नहीं सोचेगी।

    ज़ोहरा सहगल - चीनी कम

    ज़ोहरा सहगल - चीनी कम

    और ये बॉलीवुड की सबसे परेशान मां के किरदार में ज़ोहरा सहगल। परेशान, अपने 60 साल के बेटे की सेहत के लिए। चीनी कम में ज़ोहरा सहगल और अमिताभ बच्चन के बीच मां - बेटे की जो केमिस्ट्री है, वो शायद ही बॉलीवुड ने कहीं देखी होगी।

    रीमा लागू - वास्तव

    रीमा लागू - वास्तव

    यूं तो रीमा लागू, बॉलीवुड के इतिहास की सबसे प्यारी मां हैं - हम आपके हैं कौन से लेकर हम साथ साथ हैं तक। लेकिन किसे पता था कि यही मां, वास्तव में अपने बेटे को मौत के घाट उतारने से पहले एक बार भी नहीं सोचेगी। वास्तव में संजय दत्त की मां के रूप में रीमा लागू को देखना वाकई बिल्कुल ही अलग अनुभव था।

    शेफाली शाह - वक्त, दिल धड़कने दो

    शेफाली शाह - वक्त, दिल धड़कने दो

    वहीं, एक और वक्त के साथ चलने वाली मां हैं शेफाली शाह। जिनकी डांट से शायद बॉलीवुड में हर किसी को डर लग जाए। चाहे वो वक्त के अक्षय कुमार हों या फिर दिल धड़कने दो के रणवीर सिंह। शेफाली शाह वो मां हैं जो जब बोलती हैं तो फिर सबकी बोलती बंद हो जाती है।

    निरूपा राय - अमर अकबर एंथनी, दीवार

    निरूपा राय - अमर अकबर एंथनी, दीवार

    यूं तो बॉलीवुड की सबसे आईकॉनिंग मां हैं निरूपा रॉय। लेकिन जो काम उन्होंने दीवार और अमर - अकबर - एंथनी में किया वो यादगार रह गया। चाहे दीवार में दो बेटों में से एक को चुनना रहा हो या फिर अमर, अकबर, एंथनी में तीन बेटों की याद में भटकना।

    रत्ना पाठक शाह - जाने तू या जाने ना

    रत्ना पाठक शाह - जाने तू या जाने ना

    रत्ना पाठक शाह बॉलीवुड की सिंगल मां की खेप की लीडर हैं। जिस तरह उन्होंने जाने तू या जाने ना में इमरान खान की Protective Mother का किरदार निभाया वो काबिले तारीफ था।

    शबाना आज़मी - मासूम

    शबाना आज़मी - मासूम

    शायद मां के किरदारों में सबसे कठिन किरदार रहा होगा मासूम में शबाना आज़मी के लिए। एक बच्चा जो उनके पति का नाजायज़ बच्चा है, लेकिन इसमें उस बच्चे की भी कोई गलती नहीं है। ऐसे में बच्चे के प्रति ममता और पति के लिए गुस्सा लिए, शबाना आज़मी का ये किरदार बॉलीवुड मां की लिस्ट में काफी ऊपर आता है।

    राखी - करण अर्जुन

    राखी - करण अर्जुन

    जब तक करण अर्जुन आकर अपनी मौत का बदला नहीं ले लेते तब तक कोई भी बॉलीवुड की इस मां को नहीं भूल सकता। राखी के इस किरदार में सब कुछ था - मेलोड्रामा से लेकर ओवरएक्टिंग तक। लेकिन जब बात मां के इमोशन की आती है तो बाकी सब हल्का ही लगने लगता है।

    जया बच्चन - कभी खुशी कभी ग़म

    जया बच्चन - कभी खुशी कभी ग़म

    शायद बॉलीवुड की सबसे क्यूट मां। दिल की बिल्कुल नर्म। पति और बच्चों के बीच बंटी हुई। जया बच्चन का ये किरदार शायद Legendary कहा जाएगा। केवल उनके किरदार की गहराई के लिए।

    तबूू - चांदनी बार

    तबूू - चांदनी बार

    चांदनी बार में तबू एक बार डांसर की भूमिका में थी। उस दलदल से निकल कर एक नॉर्मल ज़िंदगी जीने की कोशिश करना और फिर मजबूरी में अपने बच्चों के लिए वापस उसी दलदल में जाना। एक मां के लिए इससे मुश्किल शायद ही कुछ हो।

    नीना गुप्ता - बधाई हो

    नीना गुप्ता - बधाई हो

    वहीं बॉलीवुड के इतिहास की सबसे मज़बूत और बोल्ड मां - नीना गुप्ता। जो 60 साल की उम्र में गर्भपात ना करवा कर बच्चा पैदा करने की हिम्मत उठाती है। तो इन सब मां में कुछ ना कुछ ऐसा है जो आपको ज़िंदगी भर की सीख दे जाएगा। क्योंकि मां एक ऐसा शब्द है जो रोज़ कुछ नया सीखती है और अपने बच्चों में वो सीख देने की कोशिश करती है। इन सभी मां को हमारा सलाम!

    English summary
    Bollywood is remembering it's iconic mothers on mother's day. We bring to you 17 different yet strongest mother's on screen.
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