For Quick Alerts
    ALLOW NOTIFICATIONS  
    For Daily Alerts

    B'day Spcl: सबसे बड़े सुपरस्टार, सलमान खान चूक गए, सब Khans ने बाजी मार ली

    |

    बॉलीवुड में यूं तो कई बड़ी हस्तियां हैं लेकिन ऐसे लोग जो अपने काम से आडिएंस के दिलों में जगह बना लेते हैं वो हमारे बीच न रहते हुए भी हमेशा के लिए याद रह जाते हैं। ऐसे ही एक शख्स से यश चोपड़ा। आज यश चोपड़ा का 86वां जन्मदिन है, भले ही आज वो हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी फिल्में ही उनकी याद दिलाने के लिए काफी हैं। दशकों तक बॉलीवुड पर राज करने वाले यश चोपड़ा ने न सिर्फ शानदार फिल्में दी हैं बल्कि ऐसी यादें भी दी हैं जो ऑडिएंस कभी नहीं भूल सकती।

    [Thugs Of Hindostan Trailer: तगड़ी प्लानिंग के साथ होगा Dhamaka, अंदाज एकदम अलग]

    बतौर डायरेक्टर यश चोपड़ा ने पहली फिल्म साल 1959 में 'धूल का फूल' बनाई। उन्होंने 22 फिल्में डायरेक्ट की जबकि 51 फिल्में प्रोड्यूस की। यश चोपड़ा ने बॉलीवुड को कई स्टार दिए हैं। ये वही इंसान हैं जिन्होंने शाहरुख खान को सुपरस्टार बनाया। दोनों की मुलाकात फिल्म डर के दौरान हुई और दोनों एक-दूसरे का पर्याय बन गए। बॉलीवुड का हर टॉप स्टार उनकी फिल्म में काम करना चाहता था और शाहरुख, सैफ, आमिर सबने उनके साथ काम किया लेकिन बस सलमान चूक गए।

    आपको जानकर हैरानी होगी कि डर के लिए शाहरुख खान को रोल अजय देवगन के रिजेक्ट करने के बाद मिला था। विलेन के किरदार में करियर को खतरा होने के बावजूद शाहरुख ने यशराज पर भरोसा किया और आज वो किरदार शाहरुख के सबसे बेहतरीन किरदारो में से एक है। शाहरुख खान को यश चोपड़ा की फिल्मों ने ही रोमैंस किंग बनाया। तो चलिए आगे जानते हैं ऐसा क्या था यश चोपड़ा के रोमांस में जो देखते ही आप भी कह देते थे कि 'दिल तो पागल है'-

    साथ काम करना गर्व

    साथ काम करना गर्व

    यश चोपड़ा के साथ काम करना गर्व की बात है। लेकिन सलमान और प्रियंका को छोड़ लगभग सारे सुपरस्टार्स के पास ये अचीवमेंट है।

    कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है....

    कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है....

    यश चोपड़ा के इश्क का अंदाज़ बिल्कुल सादा था। न कोई बनावट न कोई बदमिज़ाज़ी। बस भोली और मासूम मोहब्बत। उसमें वीर का कॉन्फिडेंस था तो राज का अल्हड़पन,अमित की ज़िम्मेदारी भी।

    तेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती...

    तेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती...

    यश चोपड़ा खूबसूरती को तराशना जानते थे केवल चेहरे से नहीं बल्कि हाव - भाव, पहनावे और अदाओं से। उनका यही अंदाज़ चांदनी की शरारतों में, सिमरन के भोलेपन में, शोभा की खामोशियों में, निशा की अदाओं में और पूजा की शोखियों में झलकता था...

    ये हम आ गए हैं कहां...

    ये हम आ गए हैं कहां...

    पीले खेत, सफेद पहाड़, खिले गुलिस्तान...यश चोपड़ा सपनों की उस दुनिया में ले जाते थे जहां सब कुछ खूबसूरत था। स्विट्ज़रलैंड उनकी फेवरिट लोकेशन थी। उन्होंने एल्प्स की पहाड़ियों को इतनी खूबसूरती से दिखाया है कि स्विट्ज़र लैंड में उनके नाम पर एक झील है तो DDLJ के बाद एक ट्रेन भी।

    तुझमें रब दिखता है...

    तुझमें रब दिखता है...

    रोमांस के साथ परिवार और परंपरा पर उन्होंने कभी कंप्रोमाइज़ नहीं किया। सिलसिला में भाई के लिए अमित का त्याग हो या बाउजी के लिए राज - सिमरन की इज्ज़त, ज़ारा का पड़ोसी बेब्बे के लिए अपनापन हो या दीवार में मां के लिए झगड़ते दो भाई। हर किरदार दूसरे किरदार से जुड़ा था।

    तू मेरे सामने, मैं तेरे सामने...

    तू मेरे सामने, मैं तेरे सामने...

    ऐसा नहीं था कि यश चोपड़ा ने रोमांस की इंटीमेसी को नज़रअंदाज़ किया लेकिन उन्होंने फूहड़ता और अश्लीलता कभी नहीं परोसी। जब तक है जान का सांस में तेरी सांस मिली, चांदनी का लगी आज सावन की, लम्हे का कभी मैं कहूं, वीर - ज़ारा का जानम देख लो इसके सटीक उदाहरण हैं।

    आज सवेरे सूरज ने बादल के तकिये से सर जो उठाया...

    आज सवेरे सूरज ने बादल के तकिये से सर जो उठाया...

    आज सवेरे सूरज ने बादल के तकिये से सर जो उठाया... यश चोपड़ा शायरी के दीवाने थे और उनकी ये दीवानगी उनकी फिल्मों की नज़्मों में दिखती थी। चाहे सिलसिला के अमित की शायरियां हों और सिमरन की डायरी के पन्ने। वहीं वीर का कैदी नंबर 786 किसी परिचय का मोहताज नहीं है

    अरे रे अरे बन जाए ना...

    अरे रे अरे बन जाए ना...

    यश राज के संगीत की कोई तुलना नहीं थी। रोमांस के बेहतरीन नगमें इंडस्ट्री को देने वाले यश चोपड़ा ही थे। लम्हे, सिलसिला, चांदनी, डर, कभी कभी, रब ने बना दी जोड़ी, दिल तो पागल है, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे...किसी के संगीत की कोई तुलना ही नहीं है। दिल तो पागल है का एल्बम तो सभी रिकॉर्ड पार कर गया। वहीं वीर - ज़ारा मदन मोहन के म्यूज़िक बैंक ने मानो उनका वक्त दोहरा दिया।

    मोहब्बत करूंगा मैं...जब तक है जान

    मोहब्बत करूंगा मैं...जब तक है जान

    यश चोपड़ा सारी ज़िंदगी मोहब्बत के हसीन किस्से गढ़ते रहे। जाते जाते भी उन्होंने दर्शकों को इश्क का तोहफा दिया जब तक है जान के रूप में। लेकिन कहते हैं न कि प्यार मरता नहीं वैसे ही यश चोपड़ा की मोहब्बतें हमेशा ताज़ा रहेंगी...कभी कभी वीर के लम्हे में, कहीं ज़ारा की परंपरा में..और हमेशा राज - सिमरन के सिलसिले में..

    हैप्पी बर्थडे!

    हैप्पी बर्थडे!

    हमारी तरफ से यश चोपड़ा को हैप्पी बर्थडे!

    English summary
    Yash Chopra 85th birth anniversary know interesting facts about this real super star.
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X