अध्यातम की खोज में आइटम गर्ल बन गई ये हसीना, ओशो के आश्रम लड़ाया इश्क, विवेक ओबेरॉय के साथ...
बॉलीवुड सेलेब्स को अक्सर आपने ग्लैमर से दूर मंदिरों में भक्ति में लीन देखा ही होगा। अकसर फिल्म रिलीज से पहले भी कई सेलेब्स दुआएं मांगते दिखाई देते हैं तो वहीं कई रोजमर्रा की लाइफ में भी भक्ति में डूबे दिखाई देते हैं। लेकिन आज हम एक ऐसी हसीना के बारे में बताने जा रहे हैं जो भारत में अध्यात्म को खोज में आई लेकिन ग्लैमर की दुनिया में खो गई।

बाबूजी गर्ल याना गुप्ता की कहानी
ये एक्ट्रेस है बाबू जी गर्ल के नाम से महशूर विदेशी बाला याना गुप्ता। याना गुप्ता भारत में अध्यात्म को खोज में आई थीं लेकिन किस्मत ने ऐसा यू टर्न लिया की वो बॉलीवुड की सबसे मशहूर आइटम गर्ल्स में एक बन गईं। अब हम बताते हैं कि याना गुप्ता की पूरी कहानी कि कैसे अध्यात्म से वो आइटम गर्ल बनकर रह गईं।
शांति और सुकून की खोज
याना गुप्ता यूरोप और जापान में मॉडलिंग की दुनिया में नाम कमाने के बाद जब लगातार काम और भागदौड़ से उनका मन थक गया, तब वह शांति और सुकून के लिए भारत के पुणे स्थित ओशो आश्रम आ गईं। शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अध्यात्म की खोज में भारत आई याना आगे चलकर बॉलीवुड की सबसे चर्चित आइटम गर्ल्स में से एक बन गईं।
चेकोस्लोवाकिया में हुआ जन्म
याना गुप्ता का जन्म 23 अप्रैल 1979 को चेकोस्लोवाकिया के ब्रनो शहर में हुआ था, जो आज चेक रिपब्लिक का हिस्सा है। उनका असली नाम जाना सिंकोवा था। बचपन से ही उनकी जिंदगी आसान नहीं रही। जब वे छोटी थीं, तभी उनके माता-पिता अलग हो गए थे। इसके बाद उनकी मां ने अकेले ही याना और उनकी बहन की परवरिश की। परिवार आर्थिक रूप से परेशानियों का सामना कर रहा था, इसलिए याना ने बचपन से ही संघर्ष देखा।
मॉडलिंग में चमकी किस्मत
स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने गार्डनिंग और पार्क आर्किटेक्चर की पढ़ाई शुरू की। इसी दौरान उनकी एक दोस्त मॉडलिंग कोर्स करने जा रही थी और उसने याना को भी साथ चलने के लिए कहा। यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। याना ने मॉडलिंग सीखी और बहुत जल्द इस दुनिया में पहचान बना ली। कम उम्र में ही वे प्रोफेशनल मॉडल बन गईं और यूरोप के कई देशों के साथ-साथ जापान में भी काम करने लगीं।
ग्लैमरस लाइफ से थकान
लेकिन धीरे-धीरे उन्हें इस ग्लैमरस लाइफ से थकान होने लगी। उन्हें लगा कि जिंदगी में सिर्फ शोहरत ही सब कुछ नहीं है। सुकून की तलाश में वो पुणे के ओशो आश्रम पहुंच गईं। यहां उन्होंने खुद को समझने और आध्यात्मिक जीवन की ओर कदम बढ़ाया।
आश्रम से शुरू हुई लव स्टोरी
आश्रम में ही उनकी मुलाकात सत्यकाम गुप्ता से हुई। दोनों करीब आए और 2001 में शादी कर ली। शादी के बाद उन्होंने अपना नाम याना गुप्ता रख लिया और भारत में ही बस गईं। इसके बाद उन्होंने यहां मॉडलिंग शुरू की। शुरुआत में उन्हें काम ढूंढने में काफी मेहनत करनी पड़ी, लेकिन मशहूर फोटोग्राफर डब्बू रत्नानी के साथ काम करने के बाद उनकी किस्मत बदल गई। धीरे-धीरे वो बड़े ब्रांड्स और फैशन शोज का हिस्सा बनने लगीं।
बॉलीवुड में मिला बड़ा ब्रेक
साल 2003 में उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा ब्रेक मिला। फिल्म 'दम' के गाने 'बाबूजी जरा धीरे चलो' ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। इस गाने के बाद उन्हें बॉलीवुड और साउथ फिल्मों में कई आइटम नंबर मिलने लगे। वो 'अन्नियन' जैसी फिल्मों में भी नजर आईं।
आइटम गर्ल बनकर रह गई
हालांकि, ग्लैमर और रातों रात मिलने वाली सफलता के साथ एक दिक्कत भी आई। इंडस्ट्री ने उन्हें सिर्फ ग्लैमरस रोल्स तक सीमित कर दिया। वो सीरियस किरदार करना चाहती थीं, लेकिन ऐसे मौके कम मिले। धीरे-धीरे उनकी पहचान सिर्फ एक आइटम गर्ल बनकर रह गई। फिर भी उन्होंने फिल्मों और टीवी शोज में काम जारी रखा। वो 'झलक दिखला जा' और 'खतरों के खिलाड़ी' जैसे शोज में भी नजर आईं।
कहां हैं अब याना गुप्ता
साल 2009 में उन्होंने हेल्थ और फिटनेस पर एक किताब भी लिखी। इसमें उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ और संघर्षों के बारे में खुलकर बताया। उन्होंने ये भी बताया कि वो लंबे समय तक अपने शरीर और आत्मविश्वास को लेकर परेशान रहीं। उनकी आखिरी फिल्म 2018 में आई 'दशहरा' थी, जिसमें उन्होंने 'जोगनिया' गाने पर परफॉर्म किया था। इसके बाद याना गुप्ता धीरे-धीरे लाइमलाइट से दूर हो गईं। अब खबरों के मुताबिक, वो योग, मेडिटेशन और आध्यात्मिक जीवन पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं।


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