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Sad.. आखिर ऐसा क्या हुआ ... खान और कपूर मिलकर भी नहीं बचा पाए इसे...

By: Prachi dixit
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विशाल भारद्वाज की रंगून ने फिल्म क्रिटीक से काफी सराहना बटोरी। लेकिन तीन दिन बॉक्स ऑफिस पर अकेले टिके रहने के बावजूद रंगून का रंग फीका ही दिखाई दिया। किसी भी फिल्म को हिट करने के पीछे तीन बातें सबसे प्रमुख होती है।

कहानी,एक्टर और निर्देशक। रंगून के लिहाज से देखा जाए तो कहानी में रोमांस और ट्रेजेडी का एंगल है। सैफ अली खान,कंगना रनौत और शाहिद कपूर प्रमुख किरदार में रहे। डायरेक्शन विशाल भारद्वाज का रहा।  ओमकारा और हैदर की कामयाबी से विशाल भारद्वाज की सोच और प्रतिभा का अनुमान लगाया जा सकता है।

बिग स्टार,बिग बैनर और बिग डायरेक्शन होने के बावजूद यह फिल्म दर्शकों के जेब से पैसे निकलवाने में कामयाब क्यों नहीं हो पा रही है। यह अब चर्चा का विषय बन गया है। क्या अब एंटरटेनमेंट के नाम पर दर्शक केवल चुनिंदा कहानियों और प्रमुख स्टार को ही महत्व देते हैं। विशाल भारद्वाज की यह इस साल की बहुप्रतीक्षित फिल्म क्यों एक परफेक्ट फिल्म नहीं बनपाई।इसकी पड़ताल हमने करने की कोशिश की है।

चलिये जानने का प्रयास करते हैं कि क्यों रंगून आपके लिए एक एंटरटेनमेंट से लदी हुई परफेक्ट फिल्म  नहीं बन पायी।

1 कहानी

1 कहानी

बड़े सेट और किरदार के बीच इस फिल्म की कहानी कहीं खोई हुई सी लगती है। यही इस फिल्म की सबसे बड़ी खामी है। इसका स्क्रीन प्ले कमजोर है इस वजह फिल्म के पहले हिस्से में दर्शक कहानी से जुड़ नहीं पाए।

2 किरदार

2 किरदार

इस फिल्म में शाहिद कपूर,कंगना रनौत और सैफ अली खान जैसे काबिल एक्टर होने के बावजूद ये सभी मिलकर अपने किरदार को दर्शकों से जोड़ने में नाकामयाब हुए। चुलबुली एक्ट्रेस केकिरदार मेंकंगना और प्रोड्यूसर के किरदार में सैफ के साथ सिपाही के रोल में शाहिद कपूर दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पाए।

3 म्यूजिक

3 म्यूजिक

दर्शकों को सिनेमाघर तक खींच कर लाने के लिए म्यूजिक सबसे अहम होता है। लेकिन इस फिल्म का संगीत फीका रहा। कोई भी गाना दर्शकों की गुनगुनाहट का हिस्सा नहीं बन पाया।

4 कंगना बेस्ट

4 कंगना बेस्ट

पूरी फिल्म में सिर्फ कंगना ही छायी रहीं। शाहिद कपूर और सैफ अली खान फिल्म में प्रमुख तौर पर केवल दिखाई भर दिए। यह दूसरी बात है कि शाहिद और सैफ को इस फिल्म से काफी उम्मीदें रही हैं। खासकर सैफ के किरयर के लिए यह फिल्म सबसे प्रमुख मानी जा रही है।

5 ओमकारा

5 ओमकारा

विशाल भारद्वाज फ़िल्म इंडस्ट्री के टॉप निर्देशकों की फिल्मों में तब शामिल हुए जब उन्होंने ओमकारा में प्यार और नफरत की कहानी को बखूबी पेश किया। परफेक्शन के हिसाब से फिल्म के संगीत से लेकर हर एक किरदार में दर्शकों को किरदार की झलक दिखी एक्टर की नहीं। इस फिल्म के एक्टरों ने अपने किरदार के नाम से लोकप्रियता हासिल की।

6 हैदर

6 हैदर

हैदर अपने परफॉरमेंस के लिये नाम कमाने वाली फिल्मों में से एक है।।ऐसी चुनिंदा फिल्में होती हैं जिनमें हर किरदार परफेक्ट होता है। स्क्रीनप्ले से लेकर किरदारों की कास्टिंग तक, यह फिल्म तब्बू,के के मेनन और शाहिद कपूर जैसे टैलेंटेड कलाकारों की अनूठी फेहरिस्त से भरी हुई थी।।

7 बदलते दर्शक

7 बदलते दर्शक

सिनेमा को देखने का तरीका दर्शकों का हमेशा बदलता रहा है। दर्शक ट्रेलर देखकर ही फिल्म को टटोलने की कोशिश करते हैं। कहीं ना कहीं अपने नाम की तरह यह फिल्म दर्शकों को भी ट्रेलर से कंफ्यूज करती हुए नजर आयी।

8 विशाल भारद्वाज की यूएसपी

8 विशाल भारद्वाज की यूएसपी

विशाल भारद्वाज की सबसे बड़ी यूएसपी उनका संगीत और कहानी और कास्टिंग रहा है। इस बार वह अपने यूएसपी से थोड़े भटकते हुए नजर आए। किरदार से लेकर कहानी तक यहां तक म्यूजिक में भी उनकी पकड़ दर्शकों के लिहाज से कमजोर नजर आयी।

English summary
Why this big starcast film received very bad response from audience.. Here read full story
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