Sad.. आखिर ऐसा क्या हुआ ... खान और कपूर मिलकर भी नहीं बचा पाए इसे...
इस साल की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में रंगून का नाम भी शामिल है। लेकिन रिलीज के बाद इस फिल्म को उम्मीद से बहुत कम प्रतिक्रिया मिली। बॉक्स ऑफिस पर इसका पर प्रदर्शन निराशा भरा रहा।
विशाल भारद्वाज की रंगून ने फिल्म क्रिटीक से काफी सराहना बटोरी। लेकिन तीन दिन बॉक्स ऑफिस पर अकेले टिके रहने के बावजूद रंगून का रंग फीका ही दिखाई दिया। किसी भी फिल्म को हिट करने के पीछे तीन बातें सबसे प्रमुख होती है।
कहानी,एक्टर और निर्देशक। रंगून के लिहाज से देखा जाए तो कहानी में रोमांस और ट्रेजेडी का एंगल है। सैफ अली खान,कंगना रनौत और शाहिद कपूर प्रमुख किरदार में रहे। डायरेक्शन विशाल भारद्वाज का रहा। ओमकारा और हैदर की कामयाबी से विशाल भारद्वाज की सोच और प्रतिभा का अनुमान लगाया जा सकता है।
बिग स्टार,बिग बैनर और बिग डायरेक्शन होने के बावजूद यह फिल्म दर्शकों के जेब से पैसे निकलवाने में कामयाब क्यों नहीं हो पा रही है। यह अब चर्चा का विषय बन गया है। क्या अब एंटरटेनमेंट के नाम पर दर्शक केवल चुनिंदा कहानियों और प्रमुख स्टार को ही महत्व देते हैं। विशाल भारद्वाज की यह इस साल की बहुप्रतीक्षित फिल्म क्यों एक परफेक्ट फिल्म नहीं बनपाई।इसकी पड़ताल हमने करने की कोशिश की है।
चलिये जानने का प्रयास करते हैं कि क्यों रंगून आपके लिए एक एंटरटेनमेंट से लदी हुई परफेक्ट फिल्म नहीं बन पायी।


Click it and Unblock the Notifications