खुद को बदसूरत क्यों समझतीं थीं 5 फिल्मफेयर जीतने वाली नूतन? ठुकरा दिया था अनारकली का रोल..
Nutan Rejected Mughal-e-Azam: अगर आपको मुगले आजम जैसी कोई फिल्म मिले तो क्या आप ठुकरा देंगे? नहीं ना.. लेकिन एक ऐसी बॉलीवुड अदाकारा थी जिसने दिलीप कुमार की इस फिल्म को करने से इंकार कर दिया था। इसका कारण ये था कि वो अभिनेत्री अपने आपको बदसूरत समझती थी।

जी हां, हम बात कर रहे हैं अभिनेत्री नूतन की जो कि अपने जमाने की शानदार अदाकाराओं में से एक थीं। उनको अनारकली का रोल ऑफर हुआ था जो कि बाद में मधुबाला ने किया और इतिहास में अपना नाम दर्ज करवा लिया था।
बता दें कि नूतन से इस फिल्म के निर्देशक के आसिफ ने संपर्क किया था लेकिन उन्होंने इस किरदार को करने से इंकार कर दिया था। नूतन ने खुद कहा था कि इस किरदार के लिए मधुबाला बेस्ट रहेंगी। कहा जाता है कि नूतन बचपन से ही खुद को बदसूरत समझती थीं।
बचपन से इसलिए समझती थीं बदसूरत
रिपोर्ट्स की मानें तो नूतन बचपन से ही काफी दुबली पतली और सांवली हुई करती थीं। वो काफी लंबी भी थीं और उनको लगता था कि वो काफी बदसूरत हैं। ऐसा कहा जाता है कि उनकी मां से भी कभी नहीं पटती थी। साल 1936 में एक्ट्रेस शोभना समर्थ के घर पैदा होने वाली नूतन ने सोचा भी नहीं था कि वो किसी फिल्म का हिस्सा भी बनेंगी। कहा जाता है कि उनकी और उनकी मां ने करीब 20 सालों तक कोई बातचीत नहीं की। नूतन फिलहाल इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनका बेटा और पोती अभी भी फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। साल 1991 में महज 54 साल की उम्र में नूतन का निधन हो गया था। वो ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित थीं।
5 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स मिले
नूतन ने अपनी इतनी सी उम्र में करीब 80 फिल्मों में काम किया जो कि उस वक्त के लिए एक बड़ा नंबर है। उनको 5 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स मिले थे जिनमें 'सीमा', 'सुजाता', 'बंदिनी', 'मिलन' और 'मैं तुलसी तेरे आंगन की' फिल्में शामिल हैं। नूतन के बेटे मोहनीश बहल किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं और उन्होंने कई फिल्मों में बेहतरीन काम किया है।


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