सिर्फ अक्षय-शाहरूख नहीं..अब इस स्टार को धर्म के कारण झेलना पड़ा PROTEST
वैसे तो कोई भी धर्म हो सब यही सिखाती है कि ईश्वर एक है लेकिन हर कोई ऐसा माने जरूरी तो नहीं। अब हाल में ही नवाजुद्दीन सिद्दीकी को उनके गांव में रामलीला में नहीं भाग लेने दिया गया क्योंकि वो एक मुस्लिम हैं। शिवसेना ने उनका विरोध किया और नवाजुद्दीन को वापस अपने घर लौटना पड़ा।
[बॉलीवुड का ये एक सवाल कटप्पा और बाहुबली को भी फेल कर देगा!]
नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपने पैतृक गांव में रामलीला भाग लेना हमेशा से चाहते थे लेकिन उनका ये सपना इसलिए पूरा नहीं हो सका क्योंकि वो अलग धर्म के हैं। ये कोई पहली बार नहीं है जब स्टार्स ने या उनकी फिल्मों ने धार्मिका वजहों के कारण विरोध झेला हो।

शिवाय में इस पोस्टर को लेकर पहले ही कंट्रोवर्सी हो चुकी है की इसमें अगर भगवान शिव की तस्वीर है तो अजय देवगन हाथ में खंजर लिए क्यों बीच में दिखाए गए।
बजरंगी भाईजान को लेकिन अजीब कंट्रेवर्सी हुई थी की फिल्म के नाम में बजरंगी के साथ भाईजान क्यों लगाया गया। चुकी बजरंगी मतलब हनुमान जी होते हैं तो उनके साथ भाईजान लगाना भी लोगों को गलत लग गया।
पीके में धार्मिक गुरुओं पर तीखा कटाक्ष किया गया था जिसे लेकर लोगों ने कई जगहों पर केस दर्स किये थे लेकिन फिल्म पर इसका असर नहीं हुआ।
ओह माई गॉड में भी किस तरह से भगवान के नाम पर इमोशनल तरीके से ब्लैकमेल किया जाता है ये दिखाया गया था। फिल्म में परेश रावल भगवान पर ही केस कर देते हैं और इसके कारण फिल्म के सीन काटने के मांग की गई जबकि फिल्म को क्रिटिक्स ने भी सराहा था और फिल्म हिट भी हुई ।
धर्म संकट में परेश रावल लीड रोल मे थे जिन्हे आधी उम्र के बाद पता चलता है की उन्हें गोल लिया गया था और असल में वो मुस्लिम हैं। फिल्म के प्लॉट से कई लोगों को परेशानी हुई थी और काफी हल्ला हंगामा भी हुआ लेकिन फिल्म रिलीज हुई।
माई नेम इज खान में किस तरह से अमेरिका में मुस्लिमों को देखा जाता है और आतंकवादी समझा जाता है इसे बेहतरीन अंदाज में दिखाया गया था लेकिन कुछ लोगों को इससे समस्या हुई की इसको गलत तरीके से दिखाया गया है तो इसी दौरान आईपीएल में पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बैन होने पर शाहरूख ने बयान दिया और लोगों में अच्छी खासी नाराजगी छा गई।


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