जब डायरेक्टर के दबाव में नीना गुप्ता को पहननी पड़ी थी हैवी पैडेड ब्रा, शर्मिंदा हो गईं थीं एक्ट्रेस

चोली के पीछे क्या है.. ये गाना तो साल 1993 में आया था लेकिन इसकी गूंज आज भी सुनाई देती है। नीता गुप्ता और माधुरी दीक्षित ने मिलकर जो आग इस गाने से लगाई थी, उसकी धमक आज भी है।
लेकिन इस गाने की शूटिंग को लेकर एक ऐसा रोचक किस्सा है जो कि शायद ही आप जानते होंगे। नीना गुप्ता को इस दौरान कुछ ऐसा पहनना पड़ा जो कि उनको बिल्कुल असहज कर रहा था। नीना गुप्ता ने अपनी आत्मकथा 'सच कहूं तो: एन ऑटोबायोग्राफी' में इसका जिक्र किया है।
शर्मिंदा हुईं नीना
ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, किताब के एक अंश में नीना ने खुलासा किया कि कैसे निर्देशक सुभाष घई ने उनसे गाने के सीक्वेंस के लिए 'पैडेड ब्लाउज' पहनने की मांग की, जिससे उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई। जी हां, इसको लेकर उन्होने लिखा है, "जब मैंने पहली बार गाना सुना, तो मुझे पता था कि यह आकर्षक है। लेकिन जब सुभाष घई ने मुझे बताया कि मेरी भूमिका क्या होगी, तो मैं इतनी उत्सुक नहीं थी। मुझे यह तथ्य पसंद आया कि मेरी भूमिका थी यह गाना मेरी दोस्त इला अरुण ने गाया है, जिनके साथ मैंने कई फिल्मों में काम किया है। लेकिन मैं ऐसा नहीं कर पाई।"
गुजराती पोशाक पहनाई
नीना गुप्ता ने कहा, "उन्होंने मुझे आदिवासी गुजराती पोशाक पहनाई और मंजूरी के लिए सुभाष घई के पास भेजा। 'नहीं! नहीं! नहीं! नहीं!' वह चिल्लाया। 'कुछ भरो।' गायन के लिए। मैंने उस दिन शूटिंग नहीं की।
लेकिन अगले दिन मुझे उनके सामने एक अलग पोशाक में पेश किया गया, जिसमें एक भारी गद्देदार ब्रा थी, और वह संतुष्ट लग रहे थे। सुभाष घई इस बात को लेकर बहुत खास थे कि उन्हें क्या चाहिए, जो यही कारण है कि वह इतने अच्छे निर्देशक थे।"


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