इस हालत में डायरेक्टर से काम मांगने पहुंचा एक्टर.. मिला इंकार और फिर फिल्म हो गई सुपरहिट

कई बार फिल्मी कलाकारों को एक रोल के लिए काफी ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है। फिल्म इंडस्ट्री में काम मिलना काफी ज्यादा लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे ही एक्टर के बारे में बताने वाले हैं, जो कि फिल्म के सेट पर सूट बूट पहन कर पहुंचा और इसके बावजूद भी डायरेक्टर ने उसको रिजेक्ट कर दिया।
आज के समय में आमिर खान को बॉलीवुड का मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहा जाता है। बताया तो यह भी जाता है कि जब वह किसी भी फिल्म को साइन करते हैं तो उसे रोल के पीछे काफी कड़ी मेहनत करते हैं। इस किरदार को निभाने के लिए वह असल जिंदगी में भी ऐसे ही जीने लगते हैं। लेकिन आज से तकरीबन 80 साल पहले कुछ ऐसा ही हुआ। हम आपको फिल्म दो बीघा जमीन के किस्से के बारे में बताने वाले हैं।
सूट-बूट पहनकर बलराज साहनी रोल मांगने पहुंचे
जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस फिल्म के निदेशक हीरो की तलाश में थे और तभी सूट बूट पहनकर वहां पर मशहूर एक्टर बलराज साहनी पहुंच गए। उन्होंने इस फिल्म में लीड रोल देने की मांग की। यह फिल्म खेती और किसी की पृष्ठभूमि पर आधारित बनाई गई थी। लेकिन डायरेक्टर ने एक्टर को देखते ही लीड रोल देने से मना कर दिया। इसके बाद एक्टर भी वहां से चले गए और संकल्प ले लिया कि वह इस किरदार में ढल कर दिखाएंगे।
असित सेन ने विमल राय से बलराज साहनी को मिलवाया
बता दें कि बलराज साहनी काफी नाटकों में अभिनय भी किया करते थे। इसी के चलते वह असिस्टेंट डायरेक्टर असित सेन से मिले और फिल्म में रोल दिलवाने की मांग कर दी। असित सेन उन दिनों मशहूर डायरेक्टर विमल राय के असिस्टेंट थे। ऐसे तो सेन ने बलराज साहनी को विमल राय से मिलवाया और दो बीघा जमीन फिल्म में लीड रोल देने के लिए कह दिया।
जब विमल राय ने बलराज साहनी को रोल देने से कर दिया था इंकार
जब बलराज साहनी सूट बूट पहने हुए विमल राय के पास में पहुंचे तो उन्होंने कहा कि मेरे असिस्टेंट से शायद कोई गलती हो गई है। यह रोल तुम्हारे जैसे व्यक्ति के लिए नहीं है। बाद में बलराज साहनी ने इसका जवाब देते हुए कहा कि इप्टा में नाटक ऑन के दौरान उन्होंने धरती के लाल का किरदार निभाया था। इसीलिए किसान बनने के लिए वह तैयार हैं। बाद में लेखक सलिल चौधरी और असित सेन के काफी मनाने के बाद विमल राय रोल देने के लिए तैयार हो गए थे।
बलराज साहनी ने रोल के लिए किसानों और मजदूरों के साथ रहना किया शुरू
बलराज साहनी को यह रोल मिल तो गया था लेकिन उनके सामने चुनौती यह थी कि वह 100% किस के किरदार को कैसे निभाएंगे। इसके बाद उन्होंने जागेश्वरी इलाके में जाकर रहने का फैसला लिया। दरअसल यहां पर पूर्वी उत्तर प्रदेश और अन्य इलाकों से आकर काफी किस रहा करते थे। उन्होंने अपना पहनावा भी किसानों और मजदूरों के जैसा बना लिया था और उन लोगों के बीच में जाकर रहने लग गए थे।
शूटिंग के लिए कोलकाता पहुंचे बलराज साहनी
लेकिन कुछ दिनों के बाद में बलराज साहनी को शूटिंग के लिए कोलकाता जाना पड़ा। लेकिन यहां पर भी उन्होंने अपनी किसान और मजदूरी वाली वेशभूषा को नहीं छोड़ा। उन्होंने फिल्म के कुछ सींस को और भी ज्यादा बेहतरीन बनाने के लिए हाथ रिक्शा भी खींचा था। फिल्म के दौरान उनका वजन काफी कम हो गया। लेकिन एक दिन बलराज को काफी जोर की भूख लगी और वह किस के ही वेशभूषा में हलवाई के दुकान पर पहुंच गए। जहां पर उन्होंने खाना मंगा और हलवाई ने उनको भड़क कर और मजदूर समझ कर वहां से भगा दिया।
बलराज साहनी को हलवाई ने नहीं दिया था खाना
खाना न मिलने पर बलराज साहनी एक पान वाले की दुकान पर पहुंचे और सिगरेट मांगी। लेकिन पान वाला उनके सिगरेट मांगने पर काफी ज्यादा उन पर शक करने लगा। इसके बाद में बलराज ने पांच का नोट निकालकर पान वाले को दे दिया। 1950 के दशक के दौरान पांच के नोट की काफी वैल्यू हुआ करती थी। इसी दौरान पान वाले ने कई बार उस पांच के नोट को चेक किया कि यह नकली तो नहीं है। बाद में जब नोट सही पाया गया तो बलराज को पान वाले ने एक सिगरेट दी।
बलराज साहनी ने लिखी थी बायोग्राफी
बलराज साहनी के इस पूरे किस को उन्होंने अपनी बायोग्राफी मेरी फिल्मी आत्मकथा में लिखा हुआ है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि दो बीघा जमीन फिल्म का हीरो शंभू महतो मेरे जीवन का एक सबसे महत्वपूर्ण किरदार रहा है। इस फिल्म में बलराज के साथ में निरूपा रॉय ने अहम भूमिका निभाई थी।


Click it and Unblock the Notifications