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    संजय दत्त की गिरफ्तारी के विरोध में सड़क पर उतरे थे शाहरूख, सलमान, श्रीदेवी, अजय, अक्षय - वायरल तस्वीर

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    संजय दत्त, 29 जुलाई को अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं और दोस्त उन्हें जन्मदिन की बधाई दे रहे हैं। संजय दत्त के पास बॉलीवुड में दोस्तों की कमी नहीं हैं और इन दोस्तों ने संजय दत्त के प्रति अपनी सच्ची दोस्ती का प्रदर्शन किया था 1993 में। जब संजय दत्त को बंबई बम ब्लास्ट केस में आरोपी मानकर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इतना ही नहीं, उन पर आतंकवादी होेने का तमगा लगा था।

    इसके बाद संजय दत्त के सपोर्ट में पूरा बॉलीवुड सड़क पर उतर आया था। उस ज़माने की कुछ तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल रहती हैं और शायद ये संजय दत्त के इस केस से जुड़ी सबसे वायरल तस्वीरों में से एक है।

    शाहरूख खान, सलमान खान, अजय देवगन, अक्षय कुमार, श्रीदेवी, दिव्या भारती, अनुपम खेर, सैफ अली खान, साजिद नाडियाडवाला, अमरीश पुरी, सुभाष घई सहित हर छोटा बड़ा नाम इस विरोध का हिस्सा बना था। हर किसी ने संजय दत्त की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए एक बैनर के साथ अपनी बात रखी थी। इन तस्वीरों में हर किसी के हाथ में संजय दत्त की तस्वीर है जिस पर उनका नाम संजू लिखा हुआ है। और साथ ही लिखा था - हम तुम्हारे साथ हैं।

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    इस समर्थन के बीच एक ऐसा शख्स था जिसने संजय दत्त को कभी माफ नहीं किया और उनके साथ कभी काम ना करने की कसम खाई। वो इंसान थे नाना पाटेकर। 1993 बम ब्लास्ट में नाना पाटेकर ने अपने भाई को खो दिया था। नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू में साफ कहा - मैंने संजय दत्त के साथ ना ही कोई फिल्म की है और ना ही कभी कोई फिल्म करूंगा। नाना ने बताया, "मेरी पत्नी भी उस हादसे का शिकार होती अगर उसने दूसरी बस नहीं पकड़ी होती।" हालांकि नाना पाटेकर ने इस हादसे के लिए संजय दत्त को दोषी नहीं माना था। उनका कहना था, मैं ये नहीं कह रहा हूं कि इस हादसे में संजय दत्त का हाथ है लेकिन फिर भी ये फैसला उन लोगों के लिए है जिन्होंने इस हादसे में अपनी जान गंवा दी थी। मैं संजय दत्त को माफ नहीं कर सकता।

    विवादों से घिरे रहे संजय दत्त

    विवादों से घिरे रहे संजय दत्त

    संजय दत्त को 12 मार्च 1993 के मुंबई में सिलसिलेवार 13 बम विस्फोट के मामले में अवैध हथियार रखने के लिए पांच साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई थी। उन्हें पहली बार 1993 में गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान, संजय दत्त18 महीने की सजा काट चुके थे। इसके बाद मई 2013 में अपनी बाकी बची 42 महीने की सजा काटने के लिए उन्हें जेल भेजा गया। सजा के दौरान संजय दत्त कई बार पैरोल पर बाहर भी आए। इसके चलते विवाद भी हुए।

    यलगार की शूटिंग से शुरू हुआ था सिलसिला

    यलगार की शूटिंग से शुरू हुआ था सिलसिला

    1993 में जब दंगे शुरू हुए तो संजय दत्त उस वक्त यलगार नाम की फिल्म कर रहे थे जिसकी शूटिंग दुबई में हो रही थी। संजय ने पुलिस को बताया कि दुबई में वो दाउद इब्राहिम की पार्टी में गए जहां वो याकूब, टाईगर, अबू सलेम से मिले। संजय ने कहा कि उन्हें राइफल चाहिए थी क्योंकि उनके पिता कांग्रेस एमपी थे और मां मुस्लिम। दंगे में उजड़े मुस्लिमों की मदद की वजह से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं कि उनकी बहनों का रेप कर दिया जाएगा और उन्हें मार दिया जाएगा।

    दंगे खत्म होने तक चाहिए थे हथियार

    दंगे खत्म होने तक चाहिए थे हथियार

    संजय दत्त ने अबू सलेम और उनके साथियों को अपने घर बुलाया और उन्हें तीन राइफल दी गई। संजय ने एक रखने को कहा और बाकी लौटा दी। अबू के साथियों ने उन्हें हैंड ग्रेनेड भी दिखाई और पूछा कि वो भी चाहिए क्या। संजय दत्त ने कहा कि उन्हें राइफल केवल दंगा शांत होने तक चाहिए थी और ऐसा होते ही उन्होंने अपने दोस्त हनीफ को फोन कर राइफल ले जाने को कहा था लेकिन हनीफ नहीं माना।

    चले गए थे मॉरीशस की शूट पर

    चले गए थे मॉरीशस की शूट पर

    इसके बाद संजय दत्त ने राइफल अपने घर के दूसरे माले पर छिपा दी थी और अपने काम में व्यस्त हो गए। इसके बाद उन्हें आतिश फिल्म की शूटिंग के लिए मॉरीशस जाना था। उन्होंने इस बारे में पुलिस को बताना चाहा था पर वो डर गए थे कि इससे उनके परिवार का नाम काफी खराब होगा। इसलिए उन्होंने अपने सेक्रेटरी की मदद से राइफल छिपा दी।

    सामने आए 1993 के आरोपियों के नाम

    सामने आए 1993 के आरोपियों के नाम

    12 मार्च के बम धमाकों के बाद शूटिंग में व्यस्त हो गया। इसके बाद संजय दत्त ने दोस्तों से टाईगर नाम के एक आदमी की काफी चर्चा सुनी थी कि बहुत ही तगड़ा बंदा है। जिससे पुलिस भी डरती है। लेकिन जब 1993 के आरोपियों के नाम बाहर आए तो संजय दत्त डर गए। उन्होंने अपने दोस्त को फोन कर वहां से राइफल हटाने को कहा लेकिन तब तक पुलिस ने उसे बरामद कर लिया था।

    पिता से बोलना पड़ा था झूठ

    पिता से बोलना पड़ा था झूठ

    जब संजय दत्त से उनके पिता सुनील दत्त ने इस बारे में पूछा तो उन्होंने झूठ बोल दिया। क्योंकि वो अपने पिता को ये सच नहीं बता सकते थे। पुलिस के सामने संजय दत्त ने हथियार रखने की बात कुबूल की थी और बाद में पुलिस ने सुनील दत्त को इस बारे में जानकारी दी थी। पुलिस ऑफिसर राकेश मारिया ने अपनी किताब में बताया कि संजय दत्त सुनील दत्त के पैरों पर गिरकर माफी मांगने लगे।

    सज़ा काटने के बाद पहला बयान

    सज़ा काटने के बाद पहला बयान

    इस मामले में अपनी सज़ा काटने के बाद संजय दत्त को 25 फरवरी, 2016 को रिहा किया गया। जेल से निकलने के बाद संजय दत्त ने मीडिया से बात करते हुए सबसे पहली बात कही - मेरा नाम संजय दत्त है और मैं आतंकवादी नहीं हूं। मैं टाडा कोर्ड से बाइज्ज़त बरी हुआ हूं। मैं आर्म्स एक्ट में आरोपी था और उसकी सजा काट चुका हूं। जब भी मेरे बारे में कुछ बोले तो 1993 के बम धमाकों में मेरा जिक्र नहीं करे।

    23 साल के इंतज़ार के बाद मिली राहत

    23 साल के इंतज़ार के बाद मिली राहत

    जेल से निकलते ही संजय दत्त ने ज़मीन को चूमा और तिरंगे को सलाम किया। उन्होंने अपने पहले इंटरव्यू में कहा - मुझे भारतीय होने का गर्व है। मैं हिंदुस्तान की धरती से प्यार करता हूं। वो तिरंगा मेरी जिंदगी है। संजय दत्त ने माना कि उन्हें सबसे ज़्यादा राहत उस वक्‍त मिली, जब कोर्ट ने कहा - तुम आतंकी नहीं है। संजय दत्त ने ये सुनने के लिए 23 साल इंतज़ार किया।

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    English summary
    Sanjay Dutt was arrested in 1993 in Bombay Bomb Blast case and Shahrukh, Salman, Ajay Devgn, Akshay Kumar, Sridevi, Divya Bharti protested against his arrested. Most viral picture related to this case.
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