पारदर्शी कपड़ों कारण इस हसीना ने ठुकराई ब्लॉकबस्टर फिल्म, बाद में हुआ पछतावा

70 के दशक में अपनी खूबसूरती और अदाकारी से मशहूर हुई विद्या सिन्हा ने काफी सुर्खियां बटोरी। इतना ही नहीं आपको बता दें कि सामाजिक विषयों से जुड़ी हुई फिल्मों में काम करके उन्होंने दर्शकों का दिल जीत लिया था। उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी एक खास पहचान बना ली थी और खूब जमकर काम भी किया था।
इतना ही नहीं रजनीगंधा और छोटी सी बात जैसी फिल्मों से उन्हें काफी अच्छी पहचान मिली। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनकी इसी सादगी की वजह से राज कपूर जैसे निर्देशक उन्हें अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में लेना चाह रहे थे। लेकिन फिर भी उन्होंने इस फिल्म को करने से मना कर दिया। तो चलिए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह...
विद्या सिन्हा ने राज कपूर को फिल्म के लिए किया इनकार
विद्या सिन्हा ने 2015 में एक इंटरव्यू दिया था। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने इस बात का खुलासा किया था कि 1974 में आई बासु चटर्जी की 'रजनीगंधा' फिल्म में उन्होंने एक्टिंग की बारीकियों को समझा और सीखा। इस फिल्म के बाद में उन्हें 'सत्यम शिवम सुंदरम' के लिए भी ऑफर आया। लेकिन यह ऑफर उनके हाथ से निकल गया। ऐसा इसीलिए क्योंकि बोल्ड किरदार और ज्यादा बोल्ड कपड़ों की वजह से उन्होंने इस फिल्म के लिए इंकार कर दिया था। विद्या को ऐसे छोटे और बोल्ड कपड़े पहनना पसंद नहीं था और इसी वजह से वह इस फिल्म से हाथ धो बैठी थी।
सत्यम शिवम सुंदरम के लीड रोल के लिए विद्या को किया गया था ऑफर
विद्या ने Rediff.com के साथ एक इंटरव्यू के दौरान इस बात का भी खुलासा किया था कि 'सत्यम शिवम सुंदरम' में उन्हें लीड रोल के लिए अप्रोच किया गया था। जो कि बाद में जीनत अमान ने निभाया था। राज कपूर जैसे निर्देशक के साथ काम करना एक बड़ा मौका हो सकता है। लेकिन फिर भी वह ऐसे कपड़े पहनने के लिए कंफर्टेबल नहीं थी और उसी वजह से उन्होंने इस फिल्म को जाने दिया। हालांकि आपको बता दें कि 'सत्यम शिवम सुंदरम' फिल्म में रूपा का किरदार एक ऐसी महिला ने अदा किया था जो कि बेहद ही खूबसूरत थी। हालांकि उसके चेहरे पर एक दाग था। लेकिन डायरेक्टर ने इस किरदार को बहुत ही ग्लैमरस बना डाला था।
विद्या के नाना और राज कपूर थे काफी क्लोज
विद्या सिन्हा ने इंटरव्यू के दौरान यह भी बताया कि मैंने सत्यम शिवम सुंदरम को इसीलिए भी नहीं चुना क्योंकि मैं जीनत अमान जैसे कपड़े पहन नहीं सकती थी। मुझे इसका ऑफर आया था। लेकिन मैंने इसको नहीं चुना था। राज कपूर और मेरे नाना जी बहुत ही क्लोज फ्रेंड थे और उन्होंने दिल की रानी जो कि 1947 में आई थी उसमें साथ में काम किया था। एक्ट्रेस ने यह भी कहा कि राज कपूर के पिता पृथ्वीराज कपूर ने भी मेरे नानाजी के साथ में 1945 में आई श्री कृष्ण अर्जुन युद्ध में भी काम किया था। इसी वजह से हम एक दूसरे को काफी अच्छे से और बेहतर जानते हैं। इसके बावजूद भी मैंने उनसे इस फिल्म में काम करने के लिए मना कर दिया था।
राज कपूर के साथ करना चाहती थी विद्या काम
विद्या सिन्हा ने आगे यह भी कहा कि "उस वक्त पर हर लड़की का यही सपना हुआ करता था कि वह राज कपूर के साथ में काम करें। लेकिन ऐसा मेरे साथ नहीं हुआ और मुझे इस बात का अफसोस भी है। ऐसा इसीलिए क्योंकि मैं हमेशा से उनके साथ में काम करना चाहती थी।" राज कपूर की बेटी रितु नंदा ने अपनी एक किताब में राज कपूर स्पीकस में इस पूरे किस्से का जिक्र भी किया है। बता दें कि विद्या सिन्हा ने शानदार फिल्मों में तो काम किया है लेकिन इसी के साथ उन्होंने कई टीवी सीरियaल्स में भी काम किया। लेकिन आखिरकार 2019 में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।


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