"बेहोश होने तक मेरे साथ ये काम करते थे पापा, 17 की उम्र में..." हसीना ने काली यादों को किया बेपर्दा
अपने अजीब और अलग फैशन के लिए मशहूर उर्फी जावेद आज भले ही बड़ा नाम बन चुकी हों, लेकिन उनका बचपन काफी मुश्किलों से भरा रहा है। हाल ही में उर्फी ने अपने जीवन से जुड़ी कुछ कड़वी सच्चाइयों को सामने रखा है। उर्फी ने अपने पापा के साथ अपने रिलेशन पर बात की साथ ही उन्होंने बताया कि कैसे उनके पापा ने उनका बचपन नर्क बना दिया था।

बचपन से फैशन का शौक
उर्फी ने बताया कि उन्हें बचपन से ही फैशन पसंद था। वह अलग तरह के कपड़े पहनना चाहती थीं, लेकिन उनके घर में इसे बिल्कुल पसंद नहीं किया जाता था। खासकर उनके पिता को उनका पहनावा बिल्कुल अच्छा नहीं लगता था।
पिता का डर और टॉर्चर
उर्फी के अनुसार, उनके पिता का व्यवहार बहुत हिंसक था। छोटी-छोटी बातों पर उन्हें मारा जाता था। हालात इतने खराब हो गए थे कि उर्फी को सुसाइड जैसे ख्याल आने लगे थे। उस समय कोई भी उनके लिए आवाज उठाने वाला नहीं था। उर्फी ने कहा, "मैं लखनऊ में क्रॉप टॉप के ऊपर जैकेट पहनती थी, वहां लड़कियों को इस तरह कपड़े पहनने की परमीशन नहीं थी। पापा अब्यूसिव थे, वह मुझे तब तक मारते थे, जब तक कि मैं होश नहीं खो देती थी। मुझे सुसाइड के ख्याल आते थे।"
17 साल की उम्र में छोड़ा घर
लगातार हो रहे अत्याचार से परेशान होकर उर्फी ने 17 साल की उम्र में घर छोड़ने का फैसला कर लिया। वह बिना पैसे के घर से निकल गईं और अकेले ही अपनी जिंदगी संभालनी पड़ी। घर छोड़ने के बाद उर्फी ने पहले ट्यूशन पढ़ाया और फिर कॉल सेंटर में नौकरी की। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को संभाला और आगे बढ़ने की हिम्मत जुटाई।
मुंबई पहुंचकर बदली किस्मत
कुछ समय बाद उर्फी मुंबई पहुंचीं। यहां उन्होंने टीवी सीरियल्स में छोटे रोल किए। बाद में उन्हें बिग बॉस में आने का मौका मिला, जिससे उन्हें पहचान मिली। उर्फी ने फैशन को ही अपना करियर बनाया। ट्रोलिंग के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और हर दिन और ज्यादा मजबूत बनती गईं।


Click it and Unblock the Notifications













