माता-पिता की हुई हत्या, भाई की मौत के बाद बदतर हुई जिंदगी, घर में घुसकर मांगा काम...

आज के समय में फीमेल कॉमेडियन कि अगर बात हो तो भारती सिंह का नाम सबसे पहले आता है। जिन्होंने टीवी से लेकर बॉलीवुड तक में एक खास पहचान बनाई है। लेकिन 50 के दशक में एक ऐसी कॉमेडियन हुआ करती थी जिसे हिंदी सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई। इस कॉमेडियन सिंगर को आप जरूर पहचान जाएंगे। इस सिंगर को टुन-टुन के नाम से मशहूर कर दिया गया। लेकिन इसका नाम उमा देवी था और कॉमिक टाइमिंग के लिए वह मशहूर थी। उमा देवी की कॉमेडी भी काफी नेचुरल थी और उनकी आवाज काफी मीठी। लेकिन उन्होंने अपने जीवन में काफी दुख झेले।
माता-पिता की हुई हत्या
दरअसल टुन-टुन को अपनी जिंदगी में कभी भी खुशी हासिल नहीं हुई। जब उनकी उम्र काफी छोटी थी तो उनके माता-पिता की हत्या हो गई। उनकी जिंदगी पूरी बिखर गई थी। लेकिन उनकी जिंदगी बदतर तो तब हुई जब उनके भाई की मौत हो गई। बाद में टुन-टुन अपने रिश्तेदारों के घर पर रहने के लिए मजबूर हो गई थी। लेकिन उनको यह मंजूर नहीं था और मजबूरी में जिंदगी जीना नहीं चाहती थी। जिसके चक्कर में उन्होंने एक दूसरा रास्ता ढूंढा।
कॉन्फिडेंस लेवल देख मिला मौका
हमेशा से ही टुन-टुन सिंगर बनना चाहती थी। वह लह गाना चाहती थी। इसीलिए रिश्तेदारों के घर से वह भाग गई थी। इसके बाद मुंबई आ गई। यहां पर वह डायरेक्टर नितिन बोस के असिस्टेंट जव्वाद हुसैन के साथ मिला। उन्होंने टुन-टुन को अपने घर में रहने के लिए जगह दी। लेकिन उनका फिल्मी तौर तरीकों के बारे में बिल्कुल नहीं पता था जिसके बाद वह एक दिन अचानक कारदार के घर पर पहुंच गई। वहां पहुंचकर उन्होंने पूछा की कारदार कहां है मुझे गाना गाना है। टुनटुन के इस अंदाज और कॉन्फिडेंस से कारदार इंप्रेस हो गए। उन्होंने गाना सुना और टुन-टुन को एक मौका दिया। बाद में टुन-टुन ₹500 सैलरी के साथ में गाना गाने लगी।
प्लेबैक सिंगर के तौर पर गाए 45 गाने
टुन-टुन की आवाज में 'अफसाना लिख रही हूं... आपने सुना है।' गाना गया और यह गाना उनकी आवाज में सुपरहिट साबित हुआ। टुन-टुन ने प्लेबैक सिंगर के तौर पर 45 गाने गए। इसके बाद उनकी शादी हुई और उन्होंने अपने परिवार पर ध्यान देना शुरू किया। जिसके चलते उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाई। लेकिन एक बार फिर से सालों बाद उन्होंने इंडस्ट्री में कमबैक किया और उन्हें नौशाद का साथ मिला। उनको नौशाद ने कॉमेडियन का रोल ऑफर कर दिया और यही से उमादेवी का नाम टुन-टुन के नाम से फेमस हो गया।
चॉल मे रहने को हूं मजबूर
टुनटुन के नाम से उमा देवी हिंदी सिनेमा की पहली कॉमेडियन मानी जाती है। उमा देवी की जिंदगी मशहूर सिंगर और कॉमेडियन होने के बावजूद भी काफी ज्यादा दुखों से गुजरी। कुछ खबरों के अनुसार आखिरी दिनों में उमादेवी चॉल में रहने के लिए मजबूर हो गई। लेकिन इसके बावजूद भी उनके गजब का ह्यूमर खत्म नहीं हो पाया।


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