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    अक्षय कुमार का 2019 धमाका..पढ़िए पूरी DETAIL

    By Shivani Verma
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    अक्षय कुमार और करण जौहर दोनों एक साथ मिलकर एक धमाकेदार फिल्म का निर्माण करने वाले हैं जिसका नाम होगा केसरी। ये फिल्म करण जौहर के प्रोडक्शन हाउस धर्मा प्रोडक्शन के बैनर तले प्रोड्यूस की जा रही है। वहीं इसे अक्षय कुमार भी साथ में प्रोड्यूस करेंगे।

    ये फिल्म सारागढ़ी में हुई लड़ाई पर आधारित है जिसका निर्देशन अनुराग सिंह कर रहे हैं। उम्मीद है ये फिल्म 2019 में होली के समय पर रिलीज़ की जाएगी।

    पहले उम्मीद लगाई जा रही थी कि ये फिल्म करण जौहर के साथ सलमान खान को-प्रोड्यूस करेंगे जिसमें अक्षय कुमार लीड रोल निभाएंगे। लेकिन अब अक्षय ही इस फिल्म को करण के साथ को-प्रोड्यूस कर रहे हैं।

    आज हम आपको सारागढ़ी की लड़ाई के बारे में कुछ ज़रूरी बातें बताने जा रहे हैं जिसे आपका इस फिल्म को देखने से पहले जानना ज़रूरी है...पढ़िए ध्यान से...

    सबसे बड़ी लड़ाई

    सबसे बड़ी लड़ाई

    सबसे पहले तो आपको बता दें कि ये भारतीय इतिहास में सबसे बड़ी लड़ाई मानी जाती है। इसमें 21 सिख सैनिकों ने सारागढ़ी किला बचाने के लिए पठानों से अपनी आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ी थी।

    अफगानों ने हमला किया

    अफगानों ने हमला किया

    1987 में नॉर्थ वेस्ट फ्रंटियर स्टेट 12 हज़ार के करीब अफगानों ने हमला किया था। उनका मकसद लोखार्ट के लिखों पर कब्ज़ा करना था। इन किलों को महाराजा रणजीत सिंह ने बनवाया था।

    अफगानों ने किया हमला

    अफगानों ने किया हमला

    तब एक दिन अफगानों ने सारागढ़ी पर हमला कर दिया। सरदार गुरुमुख सिंह ने ब्रिटिश कमांडर को हमले की सूचना दी और तत्काल प्रभाव से सेना की मांग की। लेकिन आनन फानन में वो सेना भेजने में असमर्थ रहे।

    पहला शिकार बनें भगवान सिंह

    पहला शिकार बनें भगवान सिंह

    मदद की उम्मीद लगभग टूट चुकी थी,लांस नायक लाभ सिंह और भगवान सिंह ने गोली चलाना शुरू कर दिया। हजारों की संख्या में आये पश्तूनों की गोली का पहला शिकार बनें भगवान सिंह, जो की मुख्य द्वार पर दुश्मन को रोक रहे थे।

    खूब लड़े

    खूब लड़े

    21 सिखों ने हज़ारों की संख्या में अफगानों से लड़ाई लड़ी। उन्होंने किले पर कब्जा करने के लिए दीवार तोड़ने की दो असफल कोशिशें की।

    पठानों को उतारा मौत के घाट

    पठानों को उतारा मौत के घाट

    हवलदार इशर सिंह ने नेतृत्व संभालते हुए,अपनी टोली के साथ "जो बोले सो निहाल,सत श्री अकाल" का नारा लगाया और दुश्मनों से जमकर लड़ाई लड़ी। उन्होंने 20 से अधिक पठानों को मौत के घात उतार दिया।

    सुबह से रात हो गई

    सुबह से रात हो गई

    लड़ते-लड़ते सुबह से रात हो गई। अंततोगत्वा सभी 21 रणबांकुरे शहीद हो गए। जीते जी उन्होंने उस विशाल फ़ौज के आगे आत्मसमर्पण नहीं किया।

    English summary
    things you need to know about Battle of Saragarhi that inspired Akshay Kumar and Karan Johar’s film.
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