बॉलीवुड की फिल्मों में हमेशा हुए कड़क कोच, खिलाड़ियों को दी सख्त ट्रेनिंग

बॉलीवुड में विभिन्न खेलों को लेकर कई बार फिल्में बन चुकी हैं। कई खिलाड़ियों की सच्ची कहानियों पर बायोपिक भी बनी है, जिसमें उनके शुरुआती जीवन, खेलों के प्रति लगाव से लेकर लेकर उनके शुरुआती कोच और बाद में प्रोफेशनल कोच को भी दिखाया गया है। लेकिन क्या आपने एक बात पर कभी गौर किया है ? बॉलीवुड में अब तक जितने कोच हुए हैं, उनमें से ज्यादातर ही कड़क मिजाज के और बेहद गुस्सैल हुए हैं। जो खिलाड़ियों को ना सिर्फ सख्त नियमों में बांधते हैं, बल्कि उनके खेल को सुधारते हैं। आमिर खान से लेकर शाहरुख खान और आर. माधवन ने अलग-अलग फिल्मों में ऐसे सख्त और कड़क कोच का किरदार निभाया हुआ है। इनमें से ज्यादातर फिल्मों में कोच अपने शुरुआती करियर में खुद धुंआधार खिलाड़ी होते हैं जो किसी ना किसी वजह से खेल से दूर हो जाते हैं। बाद में वे अपने आप को साबित करने के लिए कोच बनकर वापस लौटते हैं और एक कड़क और तुनकमिजाज कोच बनकर खिलाड़ियों के बिखरे खेल को पटरी पर वापस लाते हैं।
आइए बॉलीवुड के कुछ ऐसे ही कड़क मिजाज कोच के बारे में जानते हैं :

आमिर खान :
फिल्म 'दंगल' में आमिर खान ने एक सख्त कोच और कड़क पिता महावीर सिंह फोगाट का किरदार निभाया था। अपनी दोनों बेटियों गीता और बबीता को कुश्ती के दांव पेच सीखाकर महावीर सिंह फोगाट ने ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाया था। फिल्म में आमिर खान की सख्ती को लेकर एक गाना भी बनाया गया था, 'बापू सेहत के लिए तू तो हानिकारक है।'

आर. माधवन :
फिल्म 'साला खडूस' में माधवन के किरदार का नाम प्रभु था। वह खेल की दुनिया में राजनीति का शिकार हो जाता है। जो आजकल के समय में बहुत ही आम बात है। इस वजह से प्रभु के अंदर काफी गुस्सा भर जाता है। प्रभु आगे चलकर एक सख्त बॉक्सिंग कोच बनता है। फिल्म में माधवन का किरदार बॉक्सिंग फेडरेशन से ही पंगे लेता दिखाई देता है। माधवन बेहतरीन बॉक्सर भी तैयार करता है।

संजय दत्त :
फिल्म 'तुलसीदास जूनियर' में संजय दत्त एक बेहतरीन खिलाड़ी के किरदार में नजर आए। लेकिन फिल्म में संजय दत्त को अंतरराष्ट्रीय स्तर खेलने से रोका जाता है, क्योंकि उन्हें इंग्लिश बोलना नहीं आता था। इस कारण संजय दत्त एक सख्त मिजाज के कोच बन जाते हैं। फिल्म में उनका नाम मो. सलाम था।

शाहरुख खान :
फिल्म 'चक दे इंडिया' में शाहरुख खान ने भी एक बेहद कड़क कोच का किरदार निभाया था। फिल्म में उन्होंने कबीर खान का किरदार निभाया था जो भारत की अंतरराष्ट्रीय हॉकी टीम का खिलाड़ी है। पाकिस्तान के साथ हुए एक मैच को हार की वजह से कबीर खान पर लोग देशद्रोह का आरोप लगाते हैं। कई सालों बाद कबीर खान भारतीय वीमेंस हॉकी टीम का कोच बना रहता है जो भारत की महिला हॉकी टीम को उनका पहला वर्ल्ड कप ना सिर्फ जीतवाता है बल्कि अपने माथे पर लगा देशद्रोह का कलंक भी धो डालता है।


Click it and Unblock the Notifications











