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    अक्षय की एयरलिफ्ट के ये 10 राज़ फिल्म देखने को कर देंगे मजबूर

    By Shweta K
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    एयरलिफ्ट एक रियल कहानी पर बनीं है ये तो सभी जानते हैं और वो कहानी 1990 मे हुए गल्फ वॉर की थी । लेकिन 1990 में असल में क्या हालात थे जिसपर ये फिल्म बनीं है।

    शायद ये सब जानने के बाद आपको फिल्म देखने में और भी ज्यादा मजा आएगा। वैसे आपने सद्दाम हुसैन के बारे में तो जानते होंगो। असल मे 1990 में तेल के लिए इराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन ने पड़ोसी देश कुवैत पर हमला कर दिया।

    जंग की घोषणा करते हीं इराकी सैनिक कुवैत में घुस गए और बहुत जल्द कुवैत ने अपनी हार मान ली और कुवैत को सद्दाम हुसैन ने इराक का प्रांत बना लिया।

    इसी बीच वहां काफी बड़ी संख्या में रह रहे लाखों भारतीयों की जान को खतरा था औऱ उन्हें वहां रहने में काफी समस्याएं भी आ रहीं थी। तब उस समय की भारत की गर्वनमेंट ने उन्हें सुरक्षित निकालने का फैसला लिया।

    जानिए कुछ और रियल फैक्ट्स और जानिए असल में कौन था रंजीत कात्याल

    1.कौन था असल मे रंजीत कात्याल ?

    1.कौन था असल मे रंजीत कात्याल ?

    फिल्म में लिए गए इस कैरेक्टर का असल में कोई वास्ता नहीं है। असली में इस अभियान में कोई ऐसा बिजनसमैन नहीं था जिसने इतने बड़ा कदम उठाया हो हालांकि अक्षय ने कुछ दिन पहले एक इंटरव्यू में इसे हकीकत करार दिया लेकिन रिर्पोट्स ऐसा नहीं कहते

    2. रेस्क्यू ऑपरेशन

    2. रेस्क्यू ऑपरेशन

    अभियान के लिए पहले विदेश मंत्री खुद सद्दाम हुसैन मिलने पहुंचे थे और ऑपरेशन की इजाजत ली थी।

     3.इजाजत मिलने में हुई प्रॉब्लम

    3.इजाजत मिलने में हुई प्रॉब्लम

    पहले तो भारत को इजाजत मिलने में दिक्कत भी हुई क्योंकि भारत ने युद्द से संबंधित कोई बयान नहीं दिया था लेकिन बाद में सद्दाम हुसैन ने इजाजत दे दी।

    4.एयरलाइंस से कॉर्मशियल प्लेन तक

    4.एयरलाइंस से कॉर्मशियल प्लेन तक

    ऑपरेशन के लिए एयरलाइंस से लेकर कॉर्मशियल प्लेन तक की मदद ली गई और लोगों को निकालने का फैसला किया।(जब इराक ने कुवैत के तेल के कुएं में आग लगा दी तब की तस्वीर)

    5. लोगों को निकालना नहीं था आसान

    5. लोगों को निकालना नहीं था आसान

    लोगों को ऑपरेशन के जरिये निकालना इतना आसान नहीं था असल में कई सालों से वहां बसे लोग अपना सबकुछ छोड़कर आना ही नहीं चाहतेत थे।(असल में हमले के बाद की तस्वीर)

    6.जॉर्डन की ली गई मदद

    6.जॉर्डन की ली गई मदद

    पूरे ऑपरेशन में जॉर्डन की भी मदद ली गई। जॉर्डन की राजधानी अम्मान के एक हटल को ऑपरेशन का बेस बनाया गया।

    7. 2 महीने चला ऑपरेशन

    7. 2 महीने चला ऑपरेशन

    यह ऑपरेशन असल में पूरे 2 महीनों में खत्म हुआ था। 500 फ्लाइट्स के जरिये 70000 से भी अधिक लोगों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया।

    8. लोगों ने किया इंकार

    8. लोगों ने किया इंकार

    10000 से अधिक लोग कुवैत में ही रहने का फैसल किया और भारत आने से इंकार कर दिया।

    9.अब देखें फिल्म

    9.अब देखें फिल्म

    यह 1990 गल्फ वॉर की असल कहानी थी। इसे पढ़ने के बाद शायद आपको फिल्म देखने में और भी मजा आए।

    जानिए एयरलिफ्ट के खास डॉयलग्स

    जानिए एयरलिफ्ट के खास डॉयलग्स

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    एयरलिफ्ट के इन डॉयलग्स पर अक्षय ने बटोरी धुआंधार तालियां

    English summary
    Movie Airlift is based on the reality of 1990 Gulf war in which many Indian living in Kuwait experienced huge problems and then what government did is history.
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