इस हसीना को कहा जाता है बॉलीवुड की सबसे अनलकी एक्ट्रेस, शादी भी नहीं हो पाई... दिमागी संतुलन भी...

बॉलीवुड में कई ऐसे सितारे हैं जिन्होंने उम्र के 40-45 साल पार कर लिए, लेकिन शादी नहीं की। कुछ को मनचाहा जीवनसाथी नहीं मिला, तो कुछ ने अकेले रहना ही बेहतर समझा। वहीं कुछ ऐसे भी कलाकार हैं जिन्होंने एकतरफा प्यार में पूरी जिंदगी गुजार दी। आज हम बात कर रहे हैं 70 के दशक की एक ऐसी अभिनेत्री की, जो इंडस्ट्री के बड़े-बड़े सितारों के साथ काम करने के बावजूद अकेली रह गईं।
यह कहानी है सुलक्षणा पंडित की, जिन्होंने अपने दौर के मशहूर अभिनेता संजीव कुमार से प्यार किया। उनके पास शोहरत, पैसा, और करियर की ऊंचाई थी, लेकिन जीवन में एक सच्चा साथी नहीं मिला। सुलक्षणा का प्यार एकतरफा था और अधूरा रह गया।
संजीव कुमार से था सच्चा प्यार
सुलक्षणा पंडित ने संजीव कुमार के साथ 1975 में फिल्म उलझन में काम किया। इसी दौरान वह उन्हें दिल दे बैठीं। लेकिन संजीव कुमार का दिल किसी और के लिए धड़क रहा था - वह थीं ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी। उन्होंने हेमा को दो बार शादी के लिए प्रपोज़ किया, लेकिन दोनों बार उन्हें मना कर दिया गया। इससे संजीव कुमार गहरे सदमे में चले गए और आजीवन कुंवारे रहने का फैसला कर लिया।
सुलक्षणा ने भी नहीं की शादी
संजीव कुमार के फैसले का असर सुलक्षणा पर भी पड़ा। उन्होंने भी जीवन भर उनके इंतज़ार में शादी नहीं की। उनका यह प्यार कभी मुकाम तक नहीं पहुंच सका, लेकिन उन्होंने अपने मन से उन्हें जीवनसाथी मान लिया था।
कम उम्र में चले गए संजीव कुमार
1985 में महज 47 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से संजीव कुमार का निधन हो गया। उनके जाने के बाद सुलक्षणा की ज़िंदगी और भी अकेली हो गई। वह धीरे-धीरे डिप्रेशन में चली गईं और मानसिक रूप से अस्थिर हो गईं।
बहन विजेता ने किया खुलासा
सुलक्षणा की बहन विजेता पंडित ने एक इंटरव्यू में बताया था कि संजीव कुमार सुलक्षणा से प्यार तो करते थे, लेकिन अपनी हार्ट प्रॉब्लम के कारण शादी से पीछे हट गए। वह नहीं चाहते थे कि उनकी बीमारी के कारण सुलक्षणा की ज़िंदगी प्रभावित हो।
विजेता ने यह भी बताया कि 2006 में वह सुलक्षणा को अपने घर ले आईं, लेकिन वह कमरे में अकेली रहने लगीं। न किसी से बात करती थीं और न किसी से मिलती थीं। एक बार बाथरूम में गिरने से उनकी हिप बोन टूट गई थी, जिसकी वजह से उनकी चार बार सर्जरी करनी पड़ी। इसके बाद वह ठीक से चल भी नहीं पाईं।
एक अधूरी प्रेम कहानी
सुलक्षणा पंडित की जिंदगी एक ऐसे अधूरे प्रेम की कहानी है, जिसमें प्यार तो था लेकिन साथ नहीं मिला। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी एक इंसान के लिए समर्पित कर दी, जो कभी उनका नहीं बन सका। उनका सफर हमें यह सिखाता है कि सच्चा प्यार भले ही पूरा न हो, लेकिन उसकी गहराई एक ज़िंदगी को बदल सकती है।


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