70 के दशक की बैन फिल्म, बड़े-बड़े नेताओं के पैरों तले खिसक गई थी जमीन, नाम लेने से आज भी कतराते हैं लोग

फिल्मी दुनिया में ऐसी कई सारी खबरें नहीं है जो कि काफी ज्यादा विवादों में रही। इतना ही नहीं आपको बता दें कि कई सारी ऐसी फिल्में भी रही है जिन पर बैन लगा दिया गया और जब वह रिलीज हुई तो इंडस्ट्री में तहलका मच गया। आज हम आपको एक ऐसी ही फिल्म के बारे में बताने वाले हैं। हम बात कर रहे हैं आपातकालीन से कुछ महीने पहले 24 फरवरी 1975 को रिलीज हुई फिल्म आंधी की।
इस फिल्म को गुलजार के निर्देशन में बनाया गया था और बता दें कि आरोप लगाए गए थे कि इस फ़िल्म के कारण पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनकी पार्टी की इमेज खराब हुई। फिल्म को लेकर अफवाहें आने लगी थी कि इस फिल्म को इंदिरा गांधी और उनके पूर्व पति के साथ रिश्ते पर आधारित बनाया गया है। हालांकि इस बात में सच्चाई सिर्फ इतनी थी कि सुचित्रा सेन का किरदार आरती देवी के लुक को इंदिरा गांधी से प्रेरित था।
इसी के चलते चुनाव प्रचार के वक्त कुछ राजनेताओं ने आरती देवी के स्मोकिंग और ड्रिंकिंग के कुछ सीन दिखाकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की इमेज खराब करने की भी कोशिश कर दी थी। इसी के चलते इलेक्शन कमिशन की तरफ से इसको आचार संहिता का उल्लंघन भी बता दिया गया था। इस वक्त इंदिरा गांधी सत्ता में थी और फिल्म सही तरीके से रिलीज नहीं हुई। फिल्म को रिलीज हुए कुछ ही महीने हुए थे और देश में इमरजेंसी आ गई।
इस फिल्म पर बैन लगा हुआ था और यह इसके बावजूद भी चर्चा का विषय बन गई। खबरों के अनुसार 1977 में आम चुनाव में कांग्रेस पार्टी हार गई और जनता पार्टी सत्ता में आ गई। तब जाकर इस फिल्म को टीवी पर दिखाया गया। फिल्म में सुचित्रा सेन और संजीव कुमार लीड किरदार में नजर आए। संजीव कुमार को जे के नाम के होटल मैनेजर का किरदार निभाते देखा गया। जिन्होंने एक दिन नशे में डूबी राजनेता की बेटी आरती देवी को मुसीबत से बचाया।
धीरे-धीरे आरती और जेके एक दूसरे के प्यार में पड़ गए और उन्होंने छोटी सी सेरेमनी के साथ शादी कर ली। शादी के कुछ वक्त बाद दोनों के बीच में विवाद आने लगा। दोनों अलग हो गए और आरती एक पॉलिटिशियन बन गई। दोनों एक दूसरे से अलग हो जाने के बावजूद भी एक दूसरे की तरफ आकर्षित होते हैं। लेकिन अपनी इमेज खराब होने की वजह से वह डरे हुए रहते हैं।


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