श्रीदेवी death anniversary : पायलट से श्रीदेवी ने अचानक कर दी थी विमान की दिशा बदलने की गुजारिश, जानिए क्यों

श्रीदेवी को गुजरे हुए करीब 5 सालों का समय बीत चुका है, लेकिन आज भी यह यकीन करना मुश्किल होता है कि बॉलीवुड की पहली लेडी सुपरस्टार श्रीदेवी हमारे बीच नहीं रही। 24 फरवरी को दुबई के एक होटल में बाथटब में डूबने से श्रीदेवी की मौत हो गयी थी। मात्र 8 साल की उम्र से फिल्मों में काम करना शुरू करने वाली श्रीदेवी ने 54 साल की उम्र तक फिल्मों में काम किया था। अपने एक्टिंग करियर में उन्होंने करीब 300 फिल्मों में काम किया जिसमें हिंदी के अलावा कई और भाषाओं की फिल्में भी शामिल हैं। श्रीदेवी अपने परिवार और खासतौर पर बेटियों को लेकर हमेशा फिक्रमंद रहती थी। श्रीदेवी से जुड़े कई किस्से तो आपने अक्सर सुने होंगे लेकिन उनकी 5वीं डेथ एनिवर्सरी पर हम आपको कुछ ऐसे किस्से बताना चाहते हैं जो काफी कम लोगों को ही पता होगा।

पायलट से अचानक की विमान की दिशा बदलने की गुजारिश :
श्रीदेवी को परफेक्शन बहुत पसंद था, फिर चाहे वह फिल्मों में उनका काम हो, मेकअप हो या फिर कोई रीति-रिवाज हो। वह भारतीय परंपरा और रीति-रिवाजों का बड़ी ही सख्ती से पालन किया करती थी। यहीं वजह है कि श्रीदेवी पति बोनी कपूर की लंबी उम्र के लिए पूरी निष्ठा के साथ करवा चौथ का व्रत भी रखती थी। श्रीदेवी एक बार पति बोनी कपूर के साथ करवा चौथ के दिन मैक्सिको से लॉस एंजलिस जा रही थी लेकिन इस बीच उनके व्रत खोलने का समय हो गया। करवा चौथ का व्रत तो चांद देखने के बाद ही खोला जाता है, लेकिन विमान में बैठी श्रीदेवी को चांद नजर ही नहीं आ रहा था। इसलिए उन्होंने पायलट से विमान की दिशा बदलने की गुजारिश कर डाली ताकि उन्हें चांद नजर आ सके। श्रीदेवी सुपरस्टार थी, इसलिए पायलट ने भी उनकी बात मान ली और श्रीदेवी को चांद दिखाने के लिए विमान की दिशा बदल डाली।

बेटियों को बाथरूम की कुंडी नहीं लगाने देती :
श्रीदेवी अपनी बेटियों को लेकर काफी पजेसिव रहती थी। वह एक प्यारी मां की तरह उनकी सारी जरूरतों का ध्यान रखती थी लेकिन एक सख्त मां की तरह उन्हें डांटती भी थी। दोनों बेटियां जहान्वी और खुशी बाथरूम में बैठकर मोबाइल ना चलाने लग जाए, इसलिए श्रीदेवी उन्हें बाथरूम में कुंडी नहीं लगाने देती थी। इस बात का खुलासा उनकी बड़ी बेटी जहान्वी कपूर ने किया था। चेन्नई के अपने घर का हाउस टूर कराते समय जाह्नवी ने बताया था कि घर में उनके बाथरूम की कुंडियां ही श्रीदेवी ने निकलवा दी थी। लेकिन बड़े ही खेद की बात है कि खुद श्रीदेवी की मौत बाथरूम में बाथटब में डूबने से हो गयी। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में उनके शरीर में अल्कोहल और लंग्स में पानी मिलने की बात कही गयी थी।

मन्नत मांग कर बनवायी धर्मशाला :
फिल्म 'नागिन' के लिए श्रीदेवी को लगातार कॉन्टैक्ट लेंस लगाना पड़ता था। इस वजह से उनकी आंखें भी खराब होने लगी थी। श्रीदेवी को भगवान पर काफी विश्वास था। अपनी आंखें ठीक कर देने की मन्नत मांगते हुए श्रीदेवी ने ऋषिकेश के पास नीलकंठ महादेव मंदिर में प्रार्थना की थी। आंखें ठीक होने के बाद श्रीदेवी ने अपनी मन्नत को पूरी करते हुए यात्रियों के ठहरने के लिए 3 कमरों का एक धर्मशाला भी बनवा दिया था, जिसे आज भी श्रीदेवी के धर्मशाला के नाम से जाना जाता है। बहुत कम लोगों को श्रीदेवी के काम के प्रति जुनून के बारे में पता है। फिल्म 'चालबाज' के गाने जाने कहां से आयी है, के दौरान श्रीदेवी को 103 डिग्री बुखार था लेकिन इसके बावजूद उन्होंने बारिश में भीगते हुए इस गाने की शूटिंग की थी।


Click it and Unblock the Notifications











