4 शादियों से हुए 11 बच्चे, सुपरस्टार MGR पर चलाई गोली, 4 साल तक जेल में बंद रहा ये साउथ का विलेन

बॉलीवुड से लेकर साउथ फिल्म इंडस्ट्री में कई सारे ऐसे विलेन रहे जिन्होंने दर्शकों के बीच अपना एक खास दबदबा रखा। आज हम आपको साउथ इंडस्ट्री के खलनायक एम आर राधा के बारे में बताने वाले हैं। उन्होंने कई सारी फिल्मों में हास्य अभिनेता के तौर पर काम किया। दरअसल उनका पूरा नाम मद्रास राजगोपालन राधा कृष्ण था। वह अपनी खलनायक की भूमिका के चलते काव्य प्रसिद्ध हुए।
एम आर राधा का उनकी मां से झगड़ा हुआ और उन्होंने 7 साल की उम्र में घर छोड़ दिया। उनका झगड़ा अपनी मां से सिर्फ मछली परोसने को हुआ था। उन्होंने अपनी मां से मछली मांगी तो मना कर दिया गया। एक्टर को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने घड़ी छोड़ दिया। वह एक लोकप्रिय थिएटर कलाकार भी हुआ करते थे और उन्होंने 5000 से ज्यादा स्टेज शो में काम किया।
एम आर राधा ने 10 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत की और पहले उन्होंने छोटी-छोटी भूमिकाओं को निभाया। लेकिन धीरे-धीरे उनकी प्रसिद्धि इतनी ज्यादा हो गई कि उनके लिए कहानी विशेष तौर पर बनाई जाने लगी। उन्होंने अपने करियर में खलनायक और हास्य दोनों भूमिकाओं को निभाया। लेकिन आज हम आपको उनके पर्सनल जीवन के बारे में बताने वाले हैं और यह काफी विवादों में भी रहे थे।
एम आर राधा ने बेहद कम उम्र में पहले घर छोड़ दिया। इसके बाद इन्होंने एक दो नहीं बल्कि चार शादियां रचाई। सभी पत्नियों से इनको 11 बच्चे भी हुए। फिल्म नसीब अपना अपना की हीरोइन राधिका इन्हीं की बेटी है। अगर एक्टर की पत्नियों के नाम की बात करें तो इसमें सरस्वती, धनलक्ष्मी, जया और गीता थी। लेकिन आपको बता दें कि जब उन्होंने MGR को गोली मारी तो लोग उनकी जान के पीछे पड़ गए थे।
एम आर राधा को 4 साल तक जेल में रहना पड़ा। दरअसल मुथुकुमारन पिक्चर्स के वासु ने आगे के प्रोजेक्ट को लेकर अभिनेता और राजनीतिज्ञ एमजी रामचंद्रन से उनके घर पर मुलाकात हुई। बातचीत के दौरान ही राधा अचानक से अपनी कुर्सी से उठते हैं और रामचंद्रन के बाएं कान पर दो गोली मार देते हैं। यह दोनों गोलियां रामचंद्रन की गर्दन पर ही लग गई थी।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि राधा ने खुद पर बंदूक तान दी थी और खुद को गोली मारने की कोशिश भी की थी। हालांकि यह गोली उनकी दाहिनी कनपटी को छूकर चली गई थी। इसके बाद राधा और रामचंद्रन दोनों को ही चेन्नई के सरकारी जनरल अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया और यहां पर उनका उचित इलाज हुआ। वह दोनों बच गए थे। इस बात के गवाह वासु थे। इसके बाद कानूनी लड़ाई में राधा फर्स्ट चले गए और उन्हें जेल में कैदी के तौर पर रहना पड़ा। उनकी मृत्यु 1969 में जॉन्डिस के चलते हुई।


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