जब वहिदा रहमान ने सौतन बनकर मारी एंट्री इस स्टार की लाइफ में एंट्री और बर्बाद की गृहस्थी, 3 बच्चों के...

'बाबूजी धीरे चलना' और 'जाने कहां मेरा जिगर गया जी' जैसे सदाबहार गाने आज के वक्त में भी हर किसी का दिल छू लेते हैं। इन गानों पर सोशल मीडिया पर रील्स भी बनाई जाती है। बता दें कि 50 से 60 के दशक के बीच में फिल्माए गए यह गाने आज भी लोगों के दिलों में बस चुके हैं। लेकिन आज की युवा पीढ़ी इस गाने के सिंगर का नाम शायद ही जानते होंगे। लेकिन आपको बता दें कि इन गानों को मशहूर और दिवंगत सिंगर कही जाने वाली गीता दत्त ने गाया।
गुरु और गीता ने परिवार के खिलाफ रचाई शादी
इतना ही नहीं आपको बता दें कि गीता दत्त ने गुरु दत्त के साथ में शादी की और दोनों के तीन बच्चे भी हुए। अगर हम उन दोनों की लव स्टोरी के बारे में बात करें तो फिल्म 'बाजी' के सेट पर दोनों की पहली मुलाकात हुई। जहां पर गुरु को गीता की मधुर आवाज काफी ज्यादा पसंद आई और वह अपना दिल दे बैठे। दरअसल आपको बता दें कि गीता भी गुरु के हंसमुख स्वभाव की वजह से उनको दिल दे बैठी थी। जिसके बाद में दोनों ने परिवार के खिलाफ जाकर एक दूसरे से 26 मई 1953 में शादी कर ली थी।
गुरुदत्त के साथ जुडा हसीना का नाम
शादी के बाद में गीता दत्त ने 3 बच्चों को जन्म दिया। जिनका नाम तरुण दत्त, अरुण दत्त और नीना दत्त बताया जाता है। लेकिन इसके बावजूद भी शादी के 11 साल के बाद में दोनों की शादी में दिक्कतें आना शुरू हो गई। दरअसल गुरुदत्त की जिंदगी में बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा वहीदा रहमान की एंट्री हो गई थी। इतना ही नहीं दोनों ने साथ में 'सीआईडी' और 'कागज का फूल' जैसी फिल्मों में काम किया। धीरे-धीरे दोनों की अफेयर की खबरें ज़ोर पकड़ रही थी। जिस वजह से गीता भी काफी परेशान रहने लगी थी। दोनों के बीच झगड़े होने लगे। गीता का स्वभाव पजेसिव होने लगा।
गुरु और गीता की शादीशुदा जिंदगी हुई तबाह
गुरु और गीता एक दूसरे से बेइंतहा प्यार करते थे। लेकिन इसके बावजूद भी उनके झगड़े काफी ज्यादा बढ़ते चले जा रहे थे। लेकिन एक झगड़ा इतना ज्यादा बढ़ा कि गीता अपने बच्चों को लेकर मायके चली जाती हैं और गुरु उनसे कहते हैं कि लौट आओ। गीता का शक दिन पर दिन बढ़ता ही चला जा रहा था। दोनों का रिश्ता भी खराब होता जा रहा था और आखिर में 10 अक्टूबर 1964 की रात गुरु ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। गीता अकेली रह गई थी और इसी वजह से वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठी। लेकिन कुछ वक्त बाद उन्होंने खुद को संभाला और सिंगिंग की दुनिया में फिर से वापसी की। लेकिन वह कुछ खास सफलता हासिल नहीं कर पाई और धीरे-धीरे उन्हें आर्थिक तंगी भी होने लगी। जिसके बाद उन्होंने भी 1974 में 41 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया।


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