बहनों को हीरो मानते थे सिद्धार्थ शुक्ला, मां के लाडले ने कम उम्र में खोया पिता, फैमिली फोटो
12 दिसंबर 1980 को सिद्धार्थ शुक्ला ने इस दुनिया में कदम रखा। बीते तीन साल में अपार सफलता देखने के बाद अचानक 2 सितंबर 2021 को इस खबर ने सभी का दिल तोड़ दिया कि सिद्धार्थ शुक्ला का निधन हो गया। सिद्धार्थ शुक्ला के मौत की सच्चाई से जितना दर्द उनके फैंस को पहुंचा।
इस हकीकत का सामना करना सिद्धार्थ शुक्ला के परिवार खास कर मां और बहन के लिए गहरा सदमा है। जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता। सिद्धार्थ शुक्ला अपनी मां के कितने करीब रहे हैं इसकी एक झलक बिग बॅास 13 के दौरान देखी जा चुकी है।

सिद्धार्थ शुक्ला के अचानक निधन की खबर सबसे अधिक उनके परिवार के दर्दनाक है। सिद्धार्थ शुक्ला अपनी मां के लाडले थें। सिद्धार्थ शुक्ला अपने मां के बेहद करीब थे। पिता के निधन के बाद सिद्धार्थ शुक्ला ने अपने परिवार को संभाला। चलिए देखते हैं सिद्धार्थ शुक्ला की बचपन की तस्वीरें उनकी मां और बहनों के साथ।

सिद्धार्थ शुक्ला मां के साथ
जहां पर मां ने अपने बेटे को कई दिनों बाद बिग बॅास घर में देखा तो किसी के आसूं नहीं थम रहे थें। अब क्या हो रहा होगा इसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। अपने निधन के साथ सिद्धार्थ शुक्ला घर में चार खास लोगों को हमेशा के लिए छोड़कर चले गए हैं। सिद्धार्थ शुक्ला के जीवन का सबसे बड़ा दुख पिता अशोक शुक्ला को खोना था।

कम उम्र में सिद्धार्थ शुक्ला ने खोया पिता
सिद्धार्थ शुक्ला के पिता अशोक शुक्ला पेशे से सिविल इंजीनियर थे। सिद्धार्थ शुक्ला ने जब अपने करियर की तरफ पहला कदम बढ़ाया था, जब वो मॅाडलिंग कर रहे थे। तभी उन्होंने अपने पिता को फेफड़ों की बीमारी के कारण कम उम्र में खो दिया। घर में सबसे छोटे सिद्धार्थ शुक्ला की दो बड़ी बहने हैं जो कि हमेशा एक भाई की तरह अपने छोटे भाई के साथ रही हैं। सिद्धार्थ शुक्ला की मां रीटा शुक्ला पेशे से होममेकर हैं। सिद्धार्थ शुक्ला बचपन से खेलने और नंबर 1 पर आने का सपना देखते थे।

सिद्धार्थ शुक्ला का परिवार
स्कूल में सिद्धार्थ शुक्ला को सुपरमैन कहकर बुलाया जाता था।एक दफा सिद्धार्थ शुक्ला ने अपनी बहनोंं और मां के लिए कहा था कि उनके जीवन में सबसे बड़ा योगदान उनकी मां और बहनों का रहा है। वह जो कुछ भी हैं अपनी मां और बहनों के वजह से हैं। सिद्धार्थ शुक्ला ने एक इंटरव्यू में कहा था कि मेरी दो बड़ी बहनें हैं जो मेरे लिए हीरोज हैं।

सिद्धार्थ शुक्ला को आती थी पिता की याद
बहनों ने सिखाया कि एक अच्छा पुरुष कैसा होना चाहिए। मैंने हमेशा वैसा ही बनने की कोशिश की। मेरी बहनें मुझे लेकर बहुत ही प्रोटेक्टिव रही हैं। यही वजह है कि मैं अपनी महिला दोस्तों के साथ वैसा ही रहा। सिद्धार्थ शुक्ला के जीवन में पिता की कमी हमेशा रही। 11 फरवरी को पिता की पुण्यतिथि पर सिद्धार्थ शुक्ला ने लिखा था कि काश मैं इस दिन को कैलेंडर से मिटा पाता।


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