Kareena Kapoor: पोते के जन्म के बाद बहू करीना को लोगों ने दी बद्दुआ, शर्मिला टैगोर ने बताई यह बात

हर माता-पिता अपने बच्चे का नाम हटकर सोचता है और कुछ अलग रखने की कोशिश करता है। करीना कपूर और सैफ अली खान भी इससे अलग नहीं है। 2016 की दिसंबर में करीना कपूर ने अपने पहले बेटे को जन्म दिया। करीना कपूर के बेटे का नाम जैसे ही रिवील हुआ तो बवाल ही मच गया। लोगों ने करीना के बेटे का नाम की आलोचना करनी शुरू कर दी। हालांकि करीना और सैफ अपने फैसले पर टिके रहे और उन्होंने अपने बड़े बेटे का नाम तैमूर अली खान ही रखा। दरअसल, मुगल बादशाह तैमूर के नाम पर करीना के बेटे का नाम होने की वजह से विवाद छिड़ गया था। इस मामले में सैफ अली खान की जितनी आलोचना हुई उससे कहीं ज्यादा आलोचना एक मुस्लिम परिवार में शादी करने की वजह से करीना कपूर को सहनी पड़ी। इससे जुड़ी एक याद के बारे में शर्मिला टैगोर ने चौंकाने वाली बात बतायी।
दी गयी बद्दुआ :
शर्मिला टैगोर ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि जब करीना कपूर ने अपने बेटे का नाम तैमूर रखा तो सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना होने लगी। उनके बारे में काफी गंदी बातें सोशल मीडिया पर लिखी जाने लगी। एक यूजर ने तो करीना कपूर और उनके बेटे को जीका वायरस की बद्दुआ ही दे डाली थी। यूजर ने लिखा था कि उन्हें जीका वायरस हो जाए। इसी बात को लेकर शर्मिला टैगोर ने कहा, "यह उस समय की बात है जब मेरा पोता महज 1 दिन का था। कोई एक दिन के बच्चे को ऐसी बद्दुआ कैसे दे सकता है। लोगों ने यह भी कमेंट किया कि अगर करीना को जीका वायरस हो जाता तो तैमूर पैदा नहीं होता।"
हर किसी को खुश करना संभव नहीं :
शर्मिला टैगोर ने इन कमेंट्स को पढ़ने के बाद खुद से यहीं पूछा कि क्या ये लोग इंसान हैं? क्या ये लोग सच में हैं? ये कैसी दुनिया है? इसके बाद शर्मिला टैगोर ने दुनिया भर से ऐसे कमेंट करने वाले लोगों को एक स्ट्रांग मैसेज देते हुए कहा, "आप हर समय सबको खुश नहीं कर सकते हैं। तो फिर कोशिश ही क्यों करनी ? क्योंकि अगर आप दूसरों के हिसाब से जीने की कोशिश करेंगे तो आपकी खुद की पहचान और खुशियां गायब हो जाएंगी। इसलिए ऐसे रास्ते पर चलना ही क्यों है। इससे अच्छा है कि खुद को खुश करों।"


Click it and Unblock the Notifications


