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    12Years: धमाकेदार ब्लॉकबस्टर फिल्म, शानदार कहानी, बस थोड़ा ओवरडोज हो गया

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    बॉलीवुड में यूं तो हर साल कई फिल्में बनती हैं, कुछ हिट होती हैं तो कुछ फ्लॉप हो जाती हैं। कुछ ही ऐसी फिल्में होती हैं जो अपने अलग अंदाज के चलते सालों-साल तक ऑडिएंस को याद रह जाती हैं। हम बात कर रहे हैं 12 साल पहले आज के ही दिन रिलीज हुई फिल्म विवाह की। इस फिल्म में अलग अंदाज था डायरेक्टर सूरज बड़जात्या का.. इस फिल्म की सादगी ही इसकी खूबसूरती थी। हालांकि इतनी सादगी पर आज के वक्त में यकीन करना ऑडिएंस के लिए काफी ओवर डोज हो जाता है।

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    ये फिल्म उस दौर की ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी। विवाह में शाहिद कपूर और अमृता राव की जोड़ी को बेहद पसंद किया गया था। इसी फिल्म के बाद से ही दोनों के अफेयर की खबरों ने भी तूल पकड़ा था। फिल्म का म्यूजिक भी सुपर-डुपर हिट रहा था। इस फिल्म में को बुरा होता नहीं होता.. कोई विलेन नहीं है। बस यही बात नहीं पचती कि सारे किरदार बस अच्छे ही हैं।

    सूरज बड़जात्या की फिल्मों का एक खास दर्शक वर्ग है जो उनसे बहुत प्यार करता है और हम इस बात से बिल्कुल सहमत हैं कि उनकी फिल्में बहुत मासूम होती हैं पर फिर भी मासूमियत का मतलब ये तो कतई नहीं है कि आप दर्शकों को ओवरडोज़ कर दीजिए। विवाह को रिलीज़ हुए आज 8 साल हुए लेकिन 8 साल पहले के हिसाब से भी इस फिल्म में बहुत कुछ ऐसा था जो काफी फनी था।

    हिंदी का ओवरडोज़

    हिंदी का ओवरडोज़

    हम अपनी मातृभाषा से बहुत प्रेम करते हैं लेकिन जल को पानी कहना हमने बहुत पहले शुरू कर दिया था यार। शायद 70 के दशक में। आप खुद याद कर लो आखिरी पानी को जल, संस्कृत इम्तिहान के अलावा कब बोला था। जल ही जीवन है का मतलब ये थोड़ी है कि पूरी फिल्म, जल लीजे का ओवरडोज़ डाल दिया जाए। मधुपुर या सज्जनपुर पानी तो सेम रहेगा ना बॉस!

    गानों के अजीब बोल

    गानों के अजीब बोल

    हम 2006 में थे उस वक्त। ज़रा गौर एक गाने में लाइन थी, और भी पास आ गए हम इस दिव्य वातावरण में....मतलब क्या बताना चाह रहे थे डायरेक्टर। हमारी हिंदी टेस्ट करने के और भी तरीके हैं। पर रोमांटिक गाने में प्रेम माधुरी उनकी बसी है पवन में...थोड़ा ओवरडोज़ था भाईलोग।

    ओवरडोज़ हंसी वाली भाभी

    ओवरडोज़ हंसी वाली भाभी

    भाभियां सबकी होती हैं और फ्रेंडली ही होती हैं। कोई रॉकेट साइंस नहीं है। फिर शाहिद की भाभी इतनी ओवरएक्साइटेड और ओवर एक्सप्रेशन क्यों दे रही थीं इसपर हमारी रिसर्च पूरी हो गई हैं। दरअसल ये रिश्ता क्या कहलाता है याद कर लीजिए, अक्षरा की मम्मी की एक्टिंग के बेसिक कॉन्सेप्ट में ही झोल है।

    इतना सीधा लड़का, यूएस रिटर्न! overdose again!

    इतना सीधा लड़का, यूएस रिटर्न! overdose again!

    शाहिद कपूर में भी अपनी उम्र के हिसाब से भोलापन का थोड़ा ओवरडोज़ था। ऐसा ही कुछ रोल सलमान खान का भी था हम साथ साथ हैं में पर वो 1999 था, इतने सालों में भी कुछ नहीं बदला..ऐसा कैसे!

    मेकअप का ओवरडोज़

    मेकअप का ओवरडोज़

    फिल्म में एक अच्छे मुद्दे को उठाया लड़कियों का रंगभेद लेकिन उसके लिए इतना अजीब मेकअप थोड़ा ओवरडोज़। ऊपर एक सीन में सीमा बिस्वास अपनी बेटी को पाउडर से नहला देना काफी ओवरडोज़ था। मुद्दा उठाने के बाद भी बड़जात्या उसे मेन्टेन नहीं कर पाए।

    शादी का ओवरडोज़

    शादी का ओवरडोज़

    दुनिया के किसी हॉस्पिटल में एक क्रिटिकल पेशेंट की शादी नहीं की जाती भाईलोग। ठीक है हमें राजश्री प्रोडक्शन्स से प्यार है पर प्लीज़ कुछ भी की लिमिट। एक 80 परसेंट जली हुई लड़की (जैसा की मोहनीश अंकल कहते हैं), उसका इलाज पहले होना चाहिए था या फिर शादी???

    क्यूट कपल

    क्यूट कपल

    बाकी तो फिल्म ठीक थी, ओवरडोज़ हटा दिया जाए तो शाहिद कपूर और अमृता राव के क्यूट कपल के लिए फिल्म आज एक बार रिवाइंड कर ही लीजिएगा!

    English summary
    Shahid Kapoor and Amrita Rao film Vivah clocks 12 years know intersting facts.
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