'पति को माफ़ नहीं कर सकती', जब शबाना आजमी को सुनने पड़े लोगों के ताने, महेश भट्ट ने 10 मिनट में आने को कहा और..

हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री शबाना आज़मी आज के वक्त में किसी भी पहचान की मोहताज नहीं है। हाल ही में उन्हें रॉकी और रानी की प्रेम कहानी फिल्म में देखा गया था। जिसमें उन्हें धर्मेंद्र के साथ किसिंग सीन को लेकर काफी ट्रोल भी किया गया। बता दें कि एक्ट्रेस ने एक इंटरव्यू के दौरान डायरेक्टर महेश भट्ट के साथ अपने काम करने के एक्सपीरियंस को साझा किया।
ई-टाइम्स के साथ बातचीत के दौरान शबाना आजमी ने अपनी जर्नी को याद किया। उन्होंने अपनी शानदार जर्नी को लेकर भी जिक्र किया और बेहतरीन फिल्मों को लेकर भी बात की। इस लिस्ट में उनकी साल 1982 में रिलीज हुई फिल्म अर्थ भी शामिल है। एक्ट्रेस ने इस पर बात करते हुए कहा कि अर्थ में मेरी भूमिका के लिए कोई अपना हाथ या फिर पैर छोड़ सकता है। महेश भट्ट से मेरी बहुत अच्छी दोस्ती थी और उन्होंने एक निर्देशक के तौर पर मुझे इस फिल्म के लिए काफी प्रेरित किया। जैसे कि उन्होंने एक बटन दबाया और मैं एक पात्र बन गई।
इस फिल्म में शबाना आजमी अपने रोल को लेकर पूरी तरीके से श्योर हो चुकी थी कि यह हंगामा में जाने वाला है। हालांकि ऐसा ही हुआ था। लेकिन फिल्म के अंत को लेकर लोगों ने आपत्ति जाहिर की। एक्ट्रेस ने कहा कि जब फिल्म रिलीज हुई तो लोगों ने यह भी कहा कि यह अच्छी है लेकिन इस पर आपत्ति जाहिर की। ऐसा इसीलिए क्योंकि लोगों का यह कहना था कि एक महिला अपने पति को माफ कैसे नहीं कर सकती है जबकि माफी वह मांग रहा है। इस पर मैंने लोगों को समझाया कि हमने इसके अंत को बहुत ही शानदारतरीके से खत्म करने का सोचा था और इस खास अंत को ध्यान में रखकर ही फिल्म बनाई गई थी। मैंने राष्ट्रीय पुरस्कार जीता और यह फिल्म एक बड़ी हिट साबित हुई।
शबाना आजमी ने इस पर आगे बात करते हुए कहा कि आज भी लोग मुझसे यही कहते हैं कि अर्थ फिल्म ने उनकी जिंदगी को बदल दिया और उन्हें हिम्मत भी दी। यह एक छोटे बजट की फिल्म थी और मैंने जो कपड़े पहने हुए थे उनमें से कई सारे तो मेरे खुद के थे। इस फिल्म की कोई बाउंड स्क्रिप्ट नहीं लिखी गई थी और जब हम शूटिंग कर रहे थे तब भी यह डेवलप होता रहता था।
शबाना आजमी ने बताया कि महेश भट्ट ने उन्हें एक फिल्म की शूटिंग के लिए अचानक बुलाया था। एक्ट्रेस ने इस पर कहा कि एक दिन में एक फिल्म की शूटिंग कर रही थी और तभी महेश भट्ट ने मुझे 10 मिनट में आने के लिए कह दिया। मैं उनके कहने पर पहुंच गई और एक टेलीफोन कॉल सेन की शूटिंग शुरू की, जो एक टेक्निकल रिहर्सल थी। मैं कांपने लग गई थी क्योंकि फिल्म के लिए मैंने ज्यादा तैयारी नहीं की थी और फाइनल मुझे खुशी है कि मैं ठीक वैसा ही किया जैसा वह चाहते थे।


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