जब रिश्तों की गरिमा भूल जेठानी-देवरानी ने किया 'लिप-लॉक', फिल्म देखते ही लोगों ने एक्ट्रेस को दी मारने की धमकी

आज के समय में ऐसी कई फिल्में हैं, जिन्हें लेकर विवाद उठता ही रहता है लेकिन साल 1996 में एक ऐसी फिल्म भी आई थी, जिसने उस समय के लोगों को बुरी तरह से हिलाकर रख दिया था। जी हां, हम बात कर रहे हैं शबाना आजमी और नंदिता दास की फिल्म 'फायर' की।
दीपा मेहता की फिल्म ने प्रसिद्ध फिल्म निर्माता को कई विवादों में डाल दिया। 'फायर' को वैश्विक स्तर पर काफी सराहना मिली, लेकिन भारत में यही फिल्म रोष और चर्चा का विषय बन गई। फिल्म की थीम को लेकर हिंदू समाज आक्रोशित था। 'फायर' में एक हिंदू परिवार में दो भाभियों के बीच समलैंगिक रिश्ते के बारे में दिखाया गया है।
नंदिता दास का फिल्म 'फायर' में शबाना आजमी के साथ इंटिमेट सीन खूब चर्चित रहा था। इस फिल्म में नंदिता और शबाना आजमी देवरानी और जेठानी के रोल में थीं। 'फायर' में शबाना आजमी और नंदिता दास के बीच कई गरमा-गरम सीन थे। एक लिपलॉक भी था, जिस पर खूब बवाल मचा था। साल 1996 में आई इस फिल्म को दीपा मेहता ने डायरेक्ट किया था। यह एक इरॉटिक रोमांटिक थ्रिलर थी।
शबाना आजमी, नंदिता दास समेत उनकी डायरेक्टर दीपा मेहता को जान से मारने की धमकी तक मिली। फिल्म सिनेमाघरों में पहुंची लेकिन कई विरोधों के बाद इसे वापस ले लिया गया। आपको बता दें, सबसे पहले सबसे पहले, फायर का एक अनकट वर्जन रिलीज किया गया था। हालांकि, इसके तीन हफ्ते चलने के बाद, फिल्म की स्क्रीनिंग करने वाले सिनेमाघरों में से एक पर 200 से अधिक शिवसैनिकों ने धावा बोल दिया, जिन्होंने सोचा कि फिल्म विवाह के खिलाफ एक बुरा संदेश दे रही है। इसी तरह की घटनाएं देश भर में हुईं, जिससे सिनेमाघरों को फिल्म की स्क्रीनिंग रोकनी पड़ी। हालांकि, फिल्मी हस्तियों के एक समूह ने सरकार से सुरक्षा का अनुरोध करते हुए एक याचिका दायर की। कुछ साल बाद 1999 में यह फिल्म बिना किसी कट के रिलीज हुई।


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