इस सीन के लिए डायरेक्टर ने कपड़े उतरवाकर गांव में घुमाया, रोने लगी एक्ट्रेस, बाद में मास्टरपीस बनी ये फिल्म
Bandit Queen controversial scene: भारतीय सिनेमा की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं। उन्हें सबसे ज्यादा पहचान 1994 में आई फिल्म Bandit Queen से मिली। इस फिल्म में उन्होंने चंबल की मशहूर डकैत Phoolan Devi का किरदार निभाया था। उनके दमदार एक्टिंग ने लोगों को हैरान कर दिया और उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी मिला। इस एक फिल्म ने उनके करियर को नई दिशा दे दी।

थिएटर से फिल्मों तक का सफर
सीमा बिस्वास ने अभिनय की पढ़ाई National School of Drama (एनएसडी), नई दिल्ली से की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की थी। मंच पर काम करते हुए उन्होंने एक्टिंग की बारीकियां सीखी। बाद में उन्होंने फिल्मों में कदम रखा और अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।
'बैंडिट क्वीन' के अलावा वे 'खामोशी', 'वॉटर', 'भूत', 'विवाह' और 'हाफ गर्लफ्रेंड' जैसी फिल्मों में भी नजर आईं। उनकी खास बात यह है कि वे आसान नहीं, बल्कि चैलेंजिंग और इमोशनल रोल करना पसंद करती हैं।
'बैंडिट क्वीन' का न्यूड सीन
फिल्म में एक बेहद दर्दनाक सीन दिखाया गया है, जिसमें गांव के दबंग ठाकुर फूलन देवी का सबके सामने रेप करते हैं और चौराहे पर उसके कपड़े उतरवा देते हैं और कैरेक्टर को बिना कपड़ों के कुएं तक जाकर पानी लाने के लिए मजबूर किया जाता है। फूलन देवी को उन ठाकुरों के लिए पानी लाने के लिए कहा जाता है, जिन्होंने उसका रेप किया था। यह सीन फिल्म का सबसे झकझोर देने वाला हिस्सा माना जाता है और साथ ही बॉलीवुड का भी।
इस सीन को करने से सीमा बिस्वास ने इनकार कर दिया था, जिसके बाद बॉडी डबल का इस्तेमाल हुआ। हालांकि, इस सीन के लिए असल में बॉडी डबल को पूरे कपड़े उतारने पड़े थे। शूटिंग के दौरान अस्थायी घेराबंदी हटाकर असली गांववालों के रिएक्शन कैमरे में कैद की गईं, जिससे सीन और भी प्रभावशाली बन गया।
परिवार का सपोर्ट
फिल्म रिलीज से पहले सीमा अपने परिवार के रिएक्शन को लेकर परेशान थीं। उन्हें डर था कि उनके माता-पिता फिल्म देखकर क्या सोचेंगे। जब उनके परिवार ने फिल्म देखी, तो कुछ देर के लिए घर में चुप्पी छा गई। लेकिन उनके पिता ने गर्व के साथ कहा कि यह मुश्किल रोल उनकी बेटी ही निभा सकती थी। यह सुनकर सीमा को बहुत राहत मिली और उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
आज भी कायम है पहचान
'बैंडिट क्वीन' आज भी भारतीय सिनेमा की यादगार फिल्मों में गिनी जाती है। इस फिल्म ने न सिर्फ सीमा बिस्वास को पहचान दिलाई, बल्कि यह दिखाया कि वे कितनी सीरियस और डेडिकेटेड एक्ट्रेस हैं। कुल मिलाकर, सीमा बिस्वास का सफर हमें यह सिखाता है कि अगर कलाकार अपने काम के प्रति ईमानदार हो, तो वह किसी भी मुश्किल किरदार को जीवंत बना सकता है। उनकी एक्टिंग की सादगी और गहराई आज भी दर्शकों के दिल में खास जगह रखती है।
डायरेक्टर शेखर कपूर ने क्या कहा
बैंडिट क्वीन को भारतीय सिनेमा का एक मास्टरपीस माना जाता है, लेकिन इस फिल्म को बनाने वाले शेखर कपूर ने कहा था कि वो बैंडिट क्वीन जैसी फिल्म दोबारा नहीं बनाएंगे, क्योंकि उस फिल्म की यादें आजतक उन्हें परेशान करती हैं।


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