गर्लफ्रेंड बनाने की ख्वाहिश में लिया एडमिशन, 40 साल के करियर में जॉली LLB के जज को मिला बस एक अवॉर्ड

सौरभ शुक्ला बॉलीवुड इंडस्ट्री के एक दिग्गज कलाकार हैं और आपको बता दें कि किसी भी पहचान के मोहताज नहीं रह गए हैं। अक्सर उन्हें फिल्मों में सपोर्टिंग किरदार में देखा जाता है और उनके जबरदस्त अभिनय की वजह से लीड एक्टर भी उनके आगे फीका पड़ जाता है। सौरभ शुक्ला को जॉली एलएलबी जैसी बेहतरीन फिल्मों में देखा गया है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि सौरभ शुक्ला को एक्टिंग का कोई शौक नहीं था और उन्होंने सिर्फ गर्लफ्रेंड बनाने के लिए थिएटर ज्वाइन किया था। आज हम आपको सौरभ शुक्ला से जुड़े हुए कई किस्से बताने वाले हैं जिसे सुन आप भी हैरान हो जाएंगे। इतना ही नहीं आपको बता देंगे सौरभ शुक्ला ने अपनी एक्टिंग के बलबूते पर अपनी एक खास पहचान बनाई।
सौरभ शुक्ला 61 साल के हो चुके हैं और आपको बता दें कि बचपन में उन्हें एक्टिंग का काफी शौक था और साल 1984 में उन्होंने थिएटर भी ज्वाइन कर लिया था। भले ही उन्हें एक्टिंग का थोड़ा बहुत शौक था लेकिन उन्होंने थिएटर सिर्फ गर्लफ्रेंड बनाने के लिए ज्वाइन किया था। इस बात का खुलासा सौरभ शुक्ला ने खुद एक इंटरव्यू में किया था।
सौरभ शुक्ला ने एक इंटरव्यू के दौरान खुलासा करते हुए बताया था कि वह थिएटर के सामने से गुजरते थे और वहां पर खूबसूरत लड़कियां आया करती थी। लेकिन लड़के कुछ खास अच्छे नहीं होते थे। इसीलिए एक्टर को लगा कि शायद उनका चांस लग सकता है। लल्लनटॉप के साथ एक इंटरव्यू के दौरान एक्टर ने खुलासा किया था कि प्रतिभावान महिलाएं उन्हें शुरू से ही काफी पसंद है।
सौरभ शुक्ला को बॉलीवुड इंडस्ट्री में ब्रेक फिल्म मेकर शेखर कपूर ने दिया। एक्टर को फिल्म बैंडिट क्वीन में पहली बार देखा गया। यह फिल्म उन्हें NSD में काम करते दौरान मिली और यहां पर उन्हें सिर्फ ₹4000 मिलते थे। यहां पर उनकी मुलाकात एक प्ले के दौरान शेखर कपूर से हुई और फिल्म मेकर ने उन्हें बैंडिट क्वीन के लिए रोल दिया।
बैंडिट क्वीन में काम करने के लिए पहली बार सौरभ शुक्ला मुंबई पहुंचे और यहां पर उन्हें खास पहचान फिल्म सत्या से मिली। इस फिल्म में उन्होंने कल मां का किरदार निभाया था और आपको बता दें कि इस फिल्म के को-राइटर भी वही थे। सौरभ शुक्ला को बर्फी और ओएमजी जैसी बेहतरीन फिल्मों में भी देखा जा चुका है।


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