8 महीने की बेटी की मौत, अकेले दफनाया, तुरंत शूटिंग पर लौटीं और बना गया इतिहास

Saroj Khan

'द मदर ऑफ कोरियोग्राफी इन इंडिया' कहलाने वाली मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान को कौन नहीं जानता है। उन्होंने बड़े बड़े सितारों को अपने इशारों पर नचाया। इतना ही नहीं उन्होंने 70mm के पर्दे पर आग लगाकर सुर्खियां हासिल की। उन्हें भारत में कोरियोग्राफी की जननी भी कहा जाता है। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे ही सरोज खान के बारे में पुराने किस्से बताने वाले हैं जो कि बहुत कम लोगों को पता है।

अपने कोरियोग्राफी से हर किसी को इंप्रेस करती है सरोज खान

सरोज खान ने शास्त्रीय संगीत को लोगों के सामने इस कदर पेश किया कि हर कोई उनका दीवाना बन गया। इतना ही नहीं उन्होंने पर्दे पर इतनी खूबसूरती से फोक डांस को दिखाया कि उनके टैलेंट पर लोग तालियां बजाते नहीं थके। साथ ही साथ उन्हें कई सारे फिल्म फेयर अवार्ड भी मिल चुके हैं। लेकिन एक वक्त ऐसा भी हुआ करता था जब सरोज खान के खाने के भी लाले पड़े होते थे। बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि दीवाली मनाने के लिए उन्होंने एक सुपरस्टार से ₹200 उधार लिए थे। दरअसल उन्हें काम मिलना बंद हो गया था और एक एक पैसे के लिए तरस रही थी।

हिंदू परिवार से ताल्लुक रखती हैं सरोज खान

अगर हम सरोज खान के शुरुआती दिनों की बात करें तो उनका जन्म 22 नवंबर 1948 में मुंबई में हुआ। बता दें कि सरोज खान एक हिंदू परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनका नाम सरोज किशनचंद साधू सिंह नागपाल था। लेकिन जब बंटवारा हुआ तो उनका परिवार कराची से बहुत ही खराब हालत में भारत के मुंबई शहर में एक चॉल में रहने लगे।

मां ने कम उम्र में ही सरोज को फिल्मों में काम करने भेजा

लेकिन जब सरोज खान छोटी थी और तकरीबन 3 साल की थी तब वह दीवारों पर अपनी परछाई देखकर हाथ पैर चलाने लगती थी। उनकी मां को लगा कि बच्ची पागल हो गई है और वह उसे डॉक्टर के पास ले गई। लेकिन डॉक्टर ने सलाह दी कि अगर बच्चे नाचना चाहती है तो उसे नाचने दो और फ़िल्म इंडस्ट्री ज्वाइन करा दो। सरोज खान का पूरा परिवार आर्थिक तंगी से तो वैसे भी गुजर ही रहा था तो इसी वजह से उन्होंने फिल्मों में सरोज को भेज दिया। सरोज खान ने पहली बार 'नजराना' फिल्म में काम किया जिसमें उन्होंने श्यामा का किरदार निभाया। धीरे-धीरे उनका कैरियर ऐसे ही बढ़ता चला गया।

सरोज खान के पिता की हुई कैंसर से मौत

लेकिन अचानक से उनके घर में फिर से मातम छा गया और सरोज खान के पिता की कैंसर से मृत्यु हो गई। उनके घर में चार बहने और सबसे छोटा साल भर का भाई भी था। नजारा ऐसा था कि एक वक्त खाना था तो दूसरे वक्त का कुछ पता ही नहीं। पड़ोस में एक भजिया वाला रहता था जो कि एक समय की बची हुई भजिया और ब्रेड को सरोज के घर दे जाता था। लेकिन धीरे-धीरे सरोज की गाड़ी पटरी पर आई और वह घर का सहारा बन गई। 13 साल की उम्र में सरोज खान ने कोरियोग्राफी की तरफ कदम बढ़ाया।

सरोज खान ने की कड़ी मेहनत

शुरुआती दिनों में सरोज खान ने सीनियर डांस डायरेक्टर बी. सोहनलाल के लिए बतौर असिस्टेंट काम किया। इतना ही नहीं सरोज को काफी मेहनत करनी पड़ती थी और वह काफी घंटों तक एक ही मुद्रा में खड़ी रहती थी। यहां तक कि उन्हें कहा जाता था कि आंखों की पुतली तक हिलानी नहीं है और इस बेहद ही कठिन ट्रेनिंग के बाद में आज उन्होंने नित्य की हर एक बारीकियों को सीख लिया है।

सरोज खान के पहले पति ने दिया धोखा

आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन आपको बता दें कि बी. सोहनलाल ने सरोज खान से शादी कर ली। 13 साल की उम्र में सरोज और सोहन लाल शादी के बंधन में बंध गए। इतना ही नहीं वह सरोज से 30 साल उम्र में बड़े थे। सरोज खान ने 14 साल की उम्र में बेटे राजू खान को जन्म दे दिया। लेकिन बाद में सरोज खान को पता चला कि बी. सोहनलाल पहले से ही शादीशुदा है और उनके चार बच्चे भी हैं। दोनों के बीच इसके बाद बहस भी हुई। यह उस वक्त की बात है जब सरोज खान की दूसरी बेटी कुकू हुई थी। लेकिन सोहन लाल ने अपने दो छोटे-छोटे मासूम बच्चों और पत्नी को छोड़ मद्रास की तरफ रुख किया और इधर सरोज खान अपने दो छोटे बच्चों को लेकर चिंतित थी।

सरोज खान ने शशि कपूर से उधार लिए दिवाली मनाने के लिए ₹200

सरोज खान ने शशि कपूर के एक गाने में बैकग्राउंड डांसर का किरदार निभाया। लेकिन उसी वक्त सरोज उनके पास जाती है और कहती है कि कल दिवाली है और मेरे घर पर कुछ भी मौजूद नहीं है। मुझे मेरी सैलरी 7 दिन बाद मिलेगी और इसीलिए क्या आप मेरी थोड़ी सी मदद कर सकते हैं? जिस पर शशि कपूर ने कहा कि मेरे पास ₹200 हैं आप वह रख लीजिए। इस तरह से सरोज खान ने अपनी दिवाली मनाई थी।

सरोज खान की 8 महीने की बच्ची की हुई मौत

सन 1965 में सरोज खान की गोद में 2 साल का एक बेटा और एक तकरीबन 8 महीने की बेटी थी। उनकी बेटी काफी बीमार थी और पति भी छोड़ कर चले गए। लेकिन कुछ वक्त बाद बीमार बेटी की मौत हो गई। सरोज खान ने अपने छोटे से बेटे को गोद में लेकर अपनी 8 महीने की मरी हुई बच्ची को दफनाया। लेकिन सरोज खान के किस्मत ऐसी कि वह अपनी बेटी की मौत पर ठीक से आंसू भी नहीं भाई। उन्हें शाम की ही ट्रेन पकड़कर एक गाने की शूटिंग के लिए जाना पड़ा।

श्रीदेवी के लिए हवा-हवाई गाने के लिए सरोज ने किया कोरियोग्राफ

धीरे-धीरे सरोज खान का करियर पटरी पर आया और उन्होंने 'गीता मेरे नाम से' फिल्म से स्वतंत्र कोरियोग्राफर के रूप में काम करना शुरू कर दिया था। जिसके बाद में उन्होंने 1975 में मशहूर बिजनेसमैन रोशन खान के साथ में दूसरी शादी रचा ली थी। जिन से उनको एक बेटी सूकैना भी हुई थी। लेकिन उन्हें उस मुकाम की पहचान हासिल नहीं हो पाई थी। लेकिन श्रीदेवी के एक गाने हवा हवाई को सरोज खान ने कोरियोग्राफ किया। जिसके बाद में सरोज खान इंडस्ट्री में एक जाना माना नाम बनी।

More from Filmibeat

Read more about: saroj khan shashi kapoor
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+
X