भारत के दक्षिणएशिया प्रभाव पर वृतचित्र
वह भारत से हिंदू धर्म और बौद्घ धर्म के दक्षिण-पूर्व एशिया में प्रसार पर वृतचित्र बना चुके हैं। अब फिल्म निर्माता एस़ कृष्णास्वामी "इंडियन इंप्रिट्स'' नामक अपने इस वृतचित्र का दूसरा हिस्सा तैयार करने के मिशन जुट गए हैं।
उन्होंने बातचीत करते हुए कहा, "हम 2010 तक इस वृतचित्र का दूसरा भाग तैयार कर लेंगे।" इसमें सैकड़ों मदिरों और स्मारकों को उदाहरण के तौर पर पेश कर प्राचीन भारत के दक्षिण-पूर्व एशिया पर असर को दिखाया गया। इस वृतचित्र को इंडोनेशिया, थाईलैंड, कंबोडिया, लाओस और वियतनाम में 100 से अधिक स्थलों पर शूट किया गया।
उन्होंने कहा, "अगले भाग में म्यांमार समेत कुछ और देशों को शामिल किया जाएगा।" उन्होंने कहा कि ऐसे शोध के दौरान उन्हें यह भी पता चला कि इन देशों में बौद्घ धर्म एवं हिंदू धर्म का प्रचार-प्रसार मिलेजुले रूप में हुआ। वह कहते हैं, "दोनों धर्मो का प्रसार इन देशों में अलग-अलग धर्म के तौर पर नहीं, बल्कि मिश्रित रूप में हुआ।"


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