हीरो से 50 गुना ज्यादा फीस लेती थी ये हसीना, रॉल्स रॉयस में बैठकर बाहर निकलती थी बॉलीवुड की पहली सुपरस्टार

बॉलीवुड की पहली फीमेल सुपरस्टार दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी को कहा जाता है। लेकिन उनसे काफी पहले मूक फिल्मों का दौरा हुआ करता था और तब सुलोचना नाम की एक अभिनेत्री इंडस्ट्री पर राज किया करती थी। उनकी पापुलैरिटी का इस बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुंबई के गवर्नर से ज्यादा उनको सैलरी मिला करती थी। जब हीरो ₹100 की कमाई करता था तो एक्ट्रेस को एक फिल्म के लिए ₹5000 की फीस दी जाती थी।
सुलोचना एक वक्त पर टाइपिस्ट और टेलीफोन ऑपरेटर का काम किया करती थी। हर तरफ उनकी खूबसूरती के चर्चे थे। तब कोहिनूर फिल्म कंपनी के मोहन भवनानी की नजर उन पर पड़ी और एक्ट्रेस को फिल्म के लिए ऑफर किया। यह वो दूर था जब फिल्मों में महिलाओं का काम करना अच्छा नहीं समझा जाता था और अभिनेत्री ने इसी के चलते फिल्म ठुकरा दी। हालांकि मोहन भवनानी ने आखिरकार सुलोचना को मना लिया था।
वैसे तो सुलोचना का असली नाम रूबी मेयर था। लेकिन जब उन्होंने सिनेमा में कदम रखा तो अपना नाम बदल लिया। उन्हें एक्टिंग बिल्कुल नहीं आती थी लेकिन खूबसूरती के बलबूते पर पहली फिल्म के चलते वह फेमस हो गई। वह देश की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली एक्ट्रेस बन गई। जब हीरो को ₹100 दिए जाते थे तो सुलोचना को 5000 रुपए की फीस मिलती थी।
सुलोचना ने अपने करियर में बलिदान, माधुरी, टाइपिस्ट गर्ल और अनारकली जैसी बेहतरीन फिल्मों में काम किया। बता दें कि यह सभी साइलेंट फिल्में थी। लेकिन जब बोलने वाली फिल्में आई तो सुलोचना का करियर डगमगा गया। दरअसल उन्हें उर्दू या हिंदी भाषा नहीं आती थी। लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और 1 साल का फिल्मों से ब्रेक लेकर वापसी की। तब उन्होंने साइलेंट फिल्मों को दोबारा बोलने वाली फिल्मों के तौर पर बनाया।
फिर से सुलोचना का सिक्का इंडस्ट्री में चलने लगा। उस दौड़ में सुलोचना के पास सबसे पतली कार (Chevrolet 1935) हुआ करती थी। इसको देखने के लिए लोग भीड़ इकट्ठी कर लेते थे। बताया जाता है कि सुलोचना की पापुलैरिटी इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि लोग उनकी फोटो तकिए की नीचे रखते थे।


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