राजीव कपूर का निधन - कभी परिवार से थे इतना नाराज़ कि राज कपूर के अंतिम संस्कार में नहीं गए
राज कपूर के सबसे छोटे बेटे और रणधीर कपूर - ऋषि कपूर के छोटे भाई राजीव कपूर का 9 फरवरी की सुबह, हृदय गति रूकने से निधन हो गया। उनकी तबीयत खराब होने पर उनके भाई रणधीर कपूर उन्हें अस्पताल लेकर भागे लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। राजीव कपूर, राज कपूर के सबसे छोटे बच्चे थे और उनकी आयु 58 साल की थी।

घर में सबसे छोटे होने के कारण उन्हें प्यार और दुलार भी सबसे ज़्यादा मिला। उन्हें प्यार से उनका परिवार चिंपू कहता था। करिश्मा कपूर, करीना कपूर खान, रणबीर कपूर, रिद्धिमा कपूर, आदर जैन, अरमान जैन, निखिल नंदा सहित घर के सभी बच्चों के लिए वो चिंपू अंकल थे।
बॉलीवुड के किस्से कहानियों में राजीव कपूर के गुस्से के काफी किस्से दर्ज हैं। इनमें से किस्सा है राजीव कपूर का अपने परिवार से नाराज़ होने का। अपने परिवार से नाराज़ होने के बाद वो शराब में डूब गए थे और काफी समय तक सबसे काफी दूर थे। यहां तक कि वो अपने पिता राज कपूर के अंतिम संस्कार में भी शामिल होने नहीं आए थे।

प्रेम रोग का अफेयर
राजीव कपूर ने अपने करियर की शुरूआत की थी असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर। उन्होंने 1982 में प्रेम रोग में राज कपूर को असिस्ट किया और इस दौरान उनके और फिल्म की हीरोइन पद्मिनी कोल्हापुरी के बीच नज़दीकियां बढ़ती चली गईं। लेकिन राज कपूर को ये नज़दीकियां पसंद नहीं आई।

दूर हो गईं पद्मिनी
राज कपूर ने पद्मिनी कोल्हापुरी से साफ बात करते हुए कहा कि अगर उन्हें फिल्म की हीरोइन बनना है तो उनके बेटे से दूर रहें वरना अगले दिन से शूटिंग पर ना आएं। पद्मिनी कोल्हापुरी ने अपना करियर चुना और राजीव से दूर हो गईं।

नहीं बनाई डेब्यू फिल्म
राज कपूर ने अपने दोनों बच्चे - रणधीर कपूर और ऋषि कपूर को RK बैनर के तले लॉन्च किया। जहां रणधीर कपूर ने खुद को कल, आज और कल में डायरेक्ट किया वहीं ऋषि कपूर के लिए राज कपूर ने बॉबी बनाई। लेकिन राजीव कपूर को RK बैनर ने लॉन्च नहीं किया।

राज कपूर का साफ जवाब
राजीव कपूर ने अपना डेब्यू किया एक जान हैं हम नाम की फिल्म के साथ। इस फिल्म को डायरेक्ट किया था राजीव मेहरा ने। राज कपूर ने उन्हें लॉन्च ना करने के बारे में बात करते हुए एक इंटरव्यू में कहा था - मैं अपने बच्चों के लिए अच्छी फिल्में नहीं बना पाता।

राम तेरी गंगा मैली का संयोग
राजीव कपूर ने 1985 में RK बैनर की फिल्म राम तेरी गंगा मैली में मंदाकिनी के अपोज़िट काम किया। इस फिल्म को डायरेक्ट किया था खुद राज कपूर ने। इस फिल्म के लिए राज कपूर को बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड भी मिला और राजीव कपूर के करियर की ये पहली और इकलौती हिट फिल्म थी।

ऋषि कपूर के साथ बननी थी फिल्म
संयोग से राम तेरी गंगा मैली, ऋषि कपूर के साथ बननी थी। लेकिन जब राज कपूर की फिल्म मेरा नाम जोकर फ्लॉप हो गई तो उन्होंने राम तेरी गंगा मैली ना बनाकर बॉबी बनाने का निर्णय लिया और ये फिल्म उस वक्त ठंडे बस्ते में चली गई थी।

रातों रात बने सुपरस्टार
बाद में जब राम तेरी गंगा मैली बननी शुरू हुई तो ये राजीव कपूर के हाथ आई। इस फिल्म ने राजीव कपूर को रातों रात स्टार तो बना दिया लेकिन फिर भी फिल्म की सफलता का श्रेय उनके हाथ नहीं गया जिससे वो अपने पिता से नाराज़ हो गए।

मंदाकिनी को मिली सारी लाइमलाइट
राम तेरी गंगा मैली की सारी लाइमलाइट मिली फिल्म की हीरोइन मंदाकिनी को। कारण था झरने के नीचे झीनी सी सफेद साड़ी में नहाती हुई मंदाकिनी का एक बोल्ड सीन। इस वजह से फिल्म काफी ज़्यादा फेमस हुई। और सारी लाइमलाइट भी मंदाकिनी को मिली।

पिता से की थी एक गुज़ारिश
राजीव कपूर ने बाद में अपने पिता से गुज़ारिश भी की और कहा कि एक ऐसी फिल्म बनाए जिसके हीरो राजीव हों और केवल हीरो ही फिल्म की लाइमलाइट छीने। हालांकि, राजीव की बातों को राज कपूर अनसुना करते गए और उन्हें किसी फिल्म में काम नहीं दिया।

असिस्टेंट का मिला काम
इसके बाद राज कपूर ने राजीव कपूर को RK बैनर की फिल्मों में असिस्टेंट का काम दे दिया और राजीव को ये बात नागवार गुज़री। उनके और राज कपूर के बीच के रिश्ते की खाई बढ़ती चली गई और वो कभी कम नहीं हो पाई।


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